महाराष्ट्र के नागपुर में एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से क्लोरीन गैस लीक होने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। घटना गोधनी नगर क्षेत्र की है। गैस के संपर्क में आने से लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी, जिसके बाद उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, करीब 35 से 40 लोगों का इलाज चल रहा है। इनमें चार से पांच लोगों को ICU में रखा गया है, जबकि अन्य का सामान्य वार्ड में इलाज किया जा रहा है। 12 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
रात करीब 1 बजे हुआ गैस रिसाव
नागपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मुताबिक, घटना सोमवार देर रात करीब 1 बजे हुई। गोधनी गांव के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में 900 किलोग्राम क्षमता वाले क्लोरीन गैस सिलेंडर से गैस लीक होने लगी।
गैस फैलने के बाद प्लांट के आठ से दस कर्मचारियों और आसपास रहने वाले कई लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। कुछ लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
125 से 150 परिवार सुरक्षित जगह पहुंचाए गए
घटना के बाद एहतियात के तौर पर आसपास रहने वाले करीब 125 से 150 परिवारों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
NDRF, फायर ब्रिगेड, नागपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं। राहत और बचाव का काम जारी है।
NDRF अधिकारी ब्रजेश यादव ने बताया कि टीम देर रात से गैस का रिसाव रोकने में लगी हुई है। सुरक्षा को देखते हुए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को दो दिनों के लिए मानव रहित कर दिया गया है।
पुलिस बोली- स्थिति नियंत्रण में
मानकपुर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर हरेश कलशेकर ने बताया कि रात करीब एक बजे क्लोरीन गैस लीक होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को अस्पताल भेजना शुरू किया गया।
उन्होंने बताया कि करीब 40 लोगों का इलाज चल रहा है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

