महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में महायुती गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 17 में से 16 सीटों पर जीत दर्ज की है। इनमें से 6 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे, जबकि बाकी 11 सीटों पर मतदान हुआ। इनमें से 10 सीटों पर महायुती के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की।
हालांकि, नासिक सीट पर बीजेपी के बागी नेता गोकुल गीते ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत दर्ज कर शिंदे गुट की शिवसेना के उम्मीदवार को हरा दिया। यही सीट महायुती के लिए एकमात्र हार साबित हुई।
18 जून को हुए मतदान में कुल 99.02 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। भंडारा-गोंदिया सीट पर 100 प्रतिशत मतदान हुआ, जो सबसे ज्यादा रहा। इस चुनाव में महानगरपालिका, नगर परिषद, नगर पंचायत, जिला परिषद और पंचायत समितियों के निर्वाचित प्रतिनिधियों ने मतदान किया।
महायुती की ओर से बीजेपी ने 11 सीटों, शिवसेना ने 4 सीटों और अजित पवार की एनसीपी ने 2 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। बीजेपी और एनसीपी ने अपनी सभी सीटें जीत लीं, जबकि शिवसेना को एक सीट पर हार का सामना करना पड़ा।
नागपुर विधान परिषद सीट पर बीजेपी के डॉ. राजीव पोतदार और कांग्रेस के अतुल लोंढे के बीच सीधा मुकाबला था। इस सीट पर डॉ. राजीव पोतदार ने बड़ी जीत दर्ज की। उन्हें 682 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार अतुल लोंढे को सिर्फ 130 वोट मिले। इस दौरान 11 वोट अमान्य घोषित किए गए।
नागपुर में कुल 836 मतदाता थे, जिनमें से 823 ने मतदान किया। कांग्रेस के पास 169 वोटर होने के बावजूद उसके उम्मीदवार को केवल 130 वोट ही मिले। वहीं, एमआईएम, मुस्लिम लीग और बीएसपी ने इस चुनाव में तटस्थ रहने का फैसला किया था।
महाराष्ट्र विधान परिषद में कुल 78 सदस्य होते हैं, जिनका कार्यकाल छह साल का होता है। हर दो साल में करीब 26 सदस्य रिटायर होते हैं और उनकी जगह नए सदस्यों का चुनाव होता है।
इस बार 22 सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया हुई थी। इनमें से 6 सदस्य निर्विरोध चुने गए, जबकि 11 सीटों पर मतदान कराया गया। चुनाव के नतीजों में महायुती का दबदबा साफ देखने को मिला, जिससे राज्य की सियासत में गठबंधन की ताकत और मजबूत होती नजर आ रही है।

