बांदा में मौत का ट्रॉला: ओवरलोड ट्रॉला ने शिक्षक को कुचलने के बाद ई-रिक्शा में मारी टक्कर, छह की जान गई

उत्तर प्रदेशबांदा में मौत का ट्रॉला: ओवरलोड ट्रॉला ने शिक्षक को कुचलने के...

Date:

तेज रफ्तार और ओवरलोड ट्रॉला बना काल, भागते चालक ने दो किलोमीटर आगे मचाई दूसरी तबाही; ग्रामीणों ने लगाया जाम

बांदा जिले में बुधवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बिसंडा थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार ओवरलोड ट्रॉला पहले एक सेवानिवृत्त शिक्षक को कुचलता हुआ निकल गया, फिर मौके से भागते समय दो किलोमीटर आगे एक ई-रिक्शा से जा भिड़ा। दो अलग-अलग हादसों में कुल छह लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।

जानकारी के अनुसार घूरी गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक रामेश्वर प्रसाद (62) पेंशन संबंधी काम से बीआरसी बिसंडा गए थे। शाम करीब साढ़े पांच बजे वह साइकिल से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान मौरंग लादकर जा रहे तेज रफ्तार ट्रॉला ने उन्हें टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रॉला का पहिया उनके सिर के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया।

घटना देख स्थानीय लोगों ने बाइक से ट्रॉला का पीछा शुरू किया। भागते हुए चालक ने ओरन रोड पर नाथू तालाब के पास एक ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा उछलकर सड़क किनारे खंती में जा गिरा और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं ट्रॉला भी अनियंत्रित होकर पलट गया।

दूसरे हादसे में ई-रिक्शा सवार मुबीन (40), शहबाज (10), ममता (48) और चालक राकेश (50) की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल सोहनलाल (50) ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में बौरी, शिवकली, शबाना और तीन माह की मासूम साफिया भी घायल हुई हैं, जिनका इलाज चल रहा है।

हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने बिसंडा-बांदा मार्ग और ओरन रोड पर जाम लगाकर ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने और नो-एंट्री व्यवस्था लागू करने की मांग की। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने लोगों को समझाकर यातायात बहाल कराया।

जिलाधिकारी अमित आसेरी ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और हर संभव मदद का भरोसा दिया। वहीं पुलिस फरार ट्रॉला चालक की तलाश में जुटी हुई है।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

नेपाल में बार-बार क्यों आती हैं भूकंप, बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाएं? समझिए बड़ी वजहें

नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित रसुवा जिले में भोटेकोशी-ल्हेन्डे खोला...