नमाज के बाद लौटते समय बच्चों में हुई कहासुनी बनी हिंसा की वजह
लाठी-डंडों से हुए संघर्ष में युवक की मौत, गांव को पुलिस छावनी में बदला गया
मथुरा के कोसीकलां क्षेत्र स्थित नगला मेव गांव में ईद की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब बच्चों के बीच हुआ मामूली विवाद दो पक्षों के खूनी संघर्ष में बदल गया। हिंसक झड़प में गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव फैल गया है और हालात को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि गांव निवासी आसू और उसका भाई नबाब के बच्चे ईद की नमाज अदा करने के बाद घर लौट रहे थे। रास्ते में उनकी मुलाकात गांव के ही इदरीश पक्ष के बच्चों से हुई। किसी बात को लेकर बच्चों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में मामला सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ ही देर में विवाद ने बड़ा रूप ले लिया।
दोनों पक्षों के बच्चों ने घर पहुंचकर अपने-अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनों परिवारों के लोग आमने-सामने आ गए। पहले तीखी बहस हुई और फिर मामला मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
मारपीट के दौरान नबाब के सिर पर गंभीर चोट लगी। चोट लगते ही वह मौके पर गिर पड़ा। परिजन और ग्रामीण उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस लगातार गांव में गश्त कर रही है ताकि किसी तरह की नई घटना न हो।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है और घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है।

