न्यूज़ डेस्क – इस साल 2 अक्टूबर विजयादशमी पर इंदौर में एक अलग तरह का आयोजन होने जा रहा है। जहां हर साल रावण दहन होता है, वहीं इस बार शहर में शूर्पणखा और उसकी सेना के पुतलों का दहन किया जाएगा। यह कार्यक्रम पुरुषों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था “पौरुष” आयोजित कर रही है।
कैसे होगा आयोजन?
पुतला दहन से पहले शूर्पणखा और उसकी सेना का जुलूस निकाला जाएगा।
जुलूस ढोल-नगाड़ों के साथ शहर के कई मार्गों से होकर दम्मा लक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड पहुंचेगा।
यहीं पर पुतलों का दहन होगा।
प्रचार के लिए ऑटो और वाहनों पर बैनर लगाए गए हैं और लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट भी हो रहा है।
आयोजकों का कहना
संस्था “पौरुष” के अध्यक्ष अशोक दशोरा ने कहा—
इतिहास में कई युद्ध और हिंसा महिलाओं की वजह से हुईं।
त्रेतायुग में शूर्पणखा के प्रस्ताव के कारण राम-रावण युद्ध हुआ।
द्वापर युग में द्रौपदी के कटु वचन महाभारत का कारण बने।
उनका कहना है कि आज भी कानूनों का झुकाव महिलाओं की तरफ है और कई पुरुष झूठे केसों में फंसाकर परेशान किए जा रहे हैं।
वर्तमान संदर्भ
दशोरा का आरोप है कि महिला कानूनों का गलत इस्तेमाल हो रहा है।
झूठे मामलों की वजह से कई पुरुष मानसिक दबाव में आकर आत्महत्या कर रहे हैं।
इस आयोजन में राजा रघुवंशी हत्याकांड के पीड़ित परिवार और रघुवंशी समाज के लोग भी शामिल होकर समर्थन देंगे।

