आखिरकार प्रियंका गाँधी ने चुनावी राजनीति में आधिकारिक रूप से पदार्पण कर ही दिया, कांग्रेस महासचिव ने आज केरल के वायनाड लोकसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया, खुद चुनाव लड़ने का ये उनका पहला अनुभव होगा। अभी तक वो अपने भाई राहुल गाँधी, अपनी माँ सोनिया गाँधी और पार्टी के दूसरे उम्मीदवारों को चुनाव लड़वाती रही हैं.
नामांकन दाखिल करने समय प्रियंका गाँधी के साथ कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया सहित अन्य नेताओं की मौजूदगी रही. नामांकन से पहले प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने कलपेट्टा बस स्टैंड से एक विशाल रोड शो किया।
इस मौके पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रियंका ने कहा जब पूरी दुनिया मेरे भाई से मुंह मोड़ रही थी, तब आप मेरे साथ खड़ी रहे, आपने उन्हें लड़ते रहने की ताकत और हिम्मत दी, मेरा पूरा परिवार हमेशा आपका ऋणी और आभारी रहेगा. प्रियंका गाँधी ने जनसभा में आयी भारी भीड़ से वादा किया कि वो उनके और राहुल के बीच के रिश्ते को और मजबूत करेंगे. प्रियंका वाड्रा ने कहा कि मेरे भाई ने मुझे सब बता दिया है कि है आप किन संघर्षों का सामना कर रहे हैं। मैं आपके घर आकर सीधे आपसे समझना चाहती हूं कि आपकी समस्याएं क्या हैं और हम उनसे कैसे निपट सकते हैं.
प्रियंका ने कहा कि अलग-अलग चुनावों के लिए वो 35 साल से प्रचार कर रही हैं लेकिन यह पहली बार है कि वे अपने लिए प्रचार कर रही हैं। इस मौके पर राहुल गाँधी कहा कि प्रियंका के यहाँ से जीतने का मतलब वायनाड को दो सांसद मिल जायेंगे।
बता दें कि वायनाड सीट लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा खाली की गई थी, जिन्होंने रायबरेली लोकसभा सीट को बरकरार रखा। प्रियंका गांधी का मुकाबला भाजपा उम्मीदवार नव्या हरिदास और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के उम्मीदवार सत्यन मोकेरी से है। हरिदास दो बार कोझीकोड निगम पार्षद रह चुकी हैं। उन्होंने पहले ही वायनाड निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत मुक्कम क्षेत्र में डोर-टू-डोर अभियान शुरू कर दिया है।

