वैसे तो चुनावी मौसम को हमेशा दलबदल का मौसम कहा जाता है, चुनाव के समय ही बहुत से नेताओं की अंतरात्मा जागती है, बहुत से लोगों की पार्टी के अंदर घुटन महसूस होती है और वो दूसरी पार्टियों में शामिल हो जाते हैं, ये अलग बात है कि ऐसे अधिकांश नेता सत्ता धारी दल में ही शामिल होते हैं. लोकसभा चुनाव 2024 का जबसे एलान हुआ है भाजपा में शामिल होने वालों की एक लम्बी लाइन लगी है, इनमें अधिकांश नेता कांग्रेस से हैं। कांग्रेस लगातार आरोप लगाती है है भाजपा लोगों को डरा कर अपनी पार्टी में शामिल करती है, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अरविन्द सिंह लवली अभी ताज़ा ताज़ा भाजपा में शामिल हुए हैं. इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता, देश के रक्षा मंत्री और लखनऊ से लोकसभा प्रत्याशी राजनाथ सिंह का एक बयान आया है जिसमें उन्होंने पार्टी के इस फैसले का समर्थन किया है.
एक साक्षात्कार में राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर कोई कांग्रेस का नेता हमारे पास आकर हमें समर्थन देने की बात करता है तो क्या हमें समर्थन लेने से इंकार कर देना चाहिए। हालाँकि वो इस बात का जवाब नहीं दे पाए कि जब उसी कांग्रेसी नेता को भाजपा करप्ट बता चुकी हो क्या तब भी आपको उसका समर्थन लेने में कोई गुरेज़ नहीं है. वैसे मोदी सरकार की अर्थव्यवस्था संभालने वाली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ऐसे की एक इंटरव्यू में खुले तौर पर कह चुकी हैं कि भाजपा में सभी का स्वागत है, करप्ट लोगों का भी.
इंटरव्यू में राजनाथ सिंह प्रधानमंत्री मोदी के मंगलसूत्र छीन लेने की बात का समर्थन करते हुए कहा कि उसे गलत सन्दर्भ में मत देखिये। राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी के शब्दों की गलत व्याख्या करने की बात करते हुए कहा कि मंगल सूत्र का नाम केवल जटिल मुद्दों को सरल शब्दों में जनता को समझाने का प्रयास था। उन्होंने कहा मंगल सूत्र शब्द में बहुत गूढ़ता ढूंढ़ने की जरूरत नहीं है। मोदी जी मंगल सूत्र शब्द से ये समझाने की कोशिश कर रहे थे कि सोने का संदर्भ लेने पर मंगलसूत्र एक ऐसा शब्द है जिसे हर कोई समझ जाएगा। राजनाथ सिंह सवाल उठाया कि राहुल गांधी लोगों की दौलत का सर्वे क्यों करना चाहते हैं?

