निर्वाचन आयोग द्वारा तारीखों के एलान के साथ ही अधिकारिक तौर पर चुनाव की रणभेरी बज चुकी है. चुनावी कार्यक्रम के तहत यूपी की 80 सीटों पर सभी सातों चरण के दौरान मतदान होगा जिसमें पहले चरण की आठ सीटों सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना, मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत पर 19 अप्रैल को मतदान होगा। समाजवादी पार्टी ने भी अपनी चुनावी तैयारियों को तेज़ करते हुए उम्मीदवारों की अपनी नई सूची जार कर दी है. इस सूची में 6 उम्मीदवारों के नाम हैं जिसमें चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव का भी नाम है। धर्मेंद्र यादव को आजमगढ़ से मैदान में उतारा गया है.
धर्मेंद्र यादव का नाम पहले बदायूं सीट के लिए घोषित हुआ था लेकिन बाद में वहां से चाचा शिवपाल यादव के नाम का एलान किया गया जो पहली बार लोकसभा चुनाव के मैदान में उतरे हैं. आजमगढ़ की सीट सपा का गढ़ कही जाती है मगर उपचुनाव में भोजपुरी फिल्म स्टार निरहुआ ने सपा के गढ़ में सेंध लगा दी थी, अखिलेश इस सीट को वापस पाने को बेचैन है और तभी उन्होंने घर के ही आदमी पर भरोसा जताया और धर्मेंद्र यादव को मैदान में उतारा। बदायूं से धर्मेंद्र को हटाने के बाद पूछे गए सवाल पर अखिलेश ने कहा था कि उन्हें सुरक्षित सीट से उतारा जायेगा। आजमगढ़ में उपचुनाव हारने से पहले तक तो वाकई ये सीट सपा के लिए सुरक्षित कही जाती थी लेकिन अब इसमें थोड़ा संदेह है.
समाजवादी पार्टी ने चौथी सूची में आजमगढ़ के अलावा जिन पांच सीटों के उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए हैं उनमें गौतमबुद्ध नगर से डॉ. महेंद्र नागर, सुल्तानपुर से भीम निषाद, इटावा से जितेन्द्र दोहरे, मिश्रिख से मनोज कुमार राजवंशी और जालौन से नारायण दास अहिरवार शामिल हैं. समाजवादी पार्टी अभी तक कुल 43 उम्मीदवारों के नामों का एलान कर चुकी. इकरा हसन कैराना से, अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव मैनपुरी से, देवेश शाक्य एटा से, शिवपाल यादव बदायूं से, खीरी से उत्कर्ष वर्मा, लखनऊ से रविदास मेहरोत्रा और प्रतापगढ़ से एसपी सिंह पटेल मुख्या नाम हैं.

