बिहार में चल रही राजनीतिक हलचलों के बीच अब कांग्रेस की तरफ से जो बयान आया है उससे तो यही लग रहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री आज देर शाम या कल सुबह तक इस्तीफ़ा देने के बाद कल शाम तक एकबार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। बता दें कि मीडिया में ये खबर सबसे बड़ी सुर्ख़ियों में है कि नितीश कुमार आज या कल सुबह राजद से गठबंधन तोड़ भाजपा से हाथ मिला सकते हैं. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ने नितीश कुमार से कई बार बात करने की कोशिश की लेकिन दोनों की बातचीत संभव नहीं हो पायी. दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि नितीश कुमार ने खरगे का फ़ोन नहीं उठाया।
नितीश कुमार की इस बेरुखी को इंडिया अलायन्स के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। जयराम रमेश ने कहा कि हमें मालूम है कि राज्य स्तर पर समस्याएं हो सकती हैं लेकिन मामला एक राष्टीय गठबंधन का है। कांग्रेस नेता ने कहा कि नितीश कुमार इस गठबंधन के वास्तुकारों में से हैं। इंडिया अलायन्स के सह-वास्तुकारों में से एक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं और इन दोनों के बिना इंडिया गठबंधन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। कांग्रेस नेता ने कहा कि दोनों लीडर जानते हैं कि यह एक राष्ट्रीय गठबंधन है। यह ऐसा गठबंधन नहीं है जिसमें राष्ट्रीय मुद्दों पर स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी।
बिहार में नितीश कुमार के भाजपा के साथ जाने की ख़बरों के बेच कांग्रेस पार्टी की ये पहली औपचारिक प्रतिक्रिया है. इससे पहले राहुल गाँधी ने भी इस मुद्दे पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा था कि राज्य स्तर पर कुछ परेशानियां हैं लेकिन वो इतनी बड़ी नहीं हैं. सभी लोगों से बातचीत चल रही है और जल्द ही सबकुछ तय होगा लेकिन इधर भाजपा इंडिया गठबंधन को तोड़ने में लगभग कामयाब हो चुकी है. ममता बनर्जी के बाद नितीश कुमार का अलग होना, इस बात का संकेत है कि विपक्ष जुड़ने से पहले ही बिखर गया है.

