Investment News: निवेशकों का म्यूचुअल फंड और पीपीएफ में रूझान बढ़ा है। इसी कारण से म्यूचुअल फंड और पीपीएफ में निवेश बढ़ा है। वहीं महंगाई के कारण वित्तीय बचत में कमी आई है। कुल जमा में बैंक जमा का हिस्सा वित्त वर्ष 2020-21 में 38.6 प्रतिशत था। लेकिन वित्त वर्ष 2021-22 में घटकर 25.5 प्रतिशत पर आ गया। सहकारी बैंकों की हिस्सेदारी दो प्रतिशत से घटकर 0.1 प्रतिशत व जीव बीमा का हिस्सा 17.8 प्रतिशत से घटकर 17.2 प्रतिशत हो गया।
लोगों की वित्तीय बचत में गिरावट आई है। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की तुलना में बचत 16 प्रतिशत थी। जो 2021-22 में 32 प्रतिशत घटकर 10.8 प्रतिशत पर आ गई है। वित्त वर्ष 2019-20 में यह 12 प्रतिशत थी।
बैंक ऑफ बड़ौदा रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना, जमा पर घटते ब्याज के कारण लोग पैसे को बैंकों से निकाल अब म्यूचुअल फंड, बीमा और लघु बचत योजनाओं में लगा रहे हैं। जमा पर मिलने वाली ब्याज महंगाई से कम है। वित्त वर्ष 2022—23 में सेंसेक्स ने 18.3 प्रतिशत और 2021—22 में 68 प्रतिशत रिटर्न दिया था।
कुल बचत योजनाओं में बैंक हिस्सा घटकर 25.5 प्रतिशत रह गया है। कुल जमा राशियों में बैंक जमा की हिस्सेदारी 2020-21 में 38.6 प्रतिशत थी लेकिन वित्त वर्ष 2021-22 में यह घटकर 25.5 प्रतिशत पर आ गई। सहकारी बैंकों का हिस्सा दो प्रतिशत से घटकर 0.1 प्रतिशत व जीवन बीमा का हिस्सा 17.8 प्रतिशत से घटकर 17.2 प्रतिशत हो गया।
ब्याज दरें बढ़ने से बैंकों में जमा राशि बढ़ेगा
आने वाले समय में अगर बैंकों में ब्याज दरेें बढ़े तो बैंकों की जमाराशि में फिर से तेजी आ सकती है। माना जा रहा है आने वाले महीनों में ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद है। इस समय म्यूचुअल फंड निवेशकों की पसंदीदा साधन है इसके अलावा घरेलू बचत इक्विटी व डेट में भी लोग निवेश कर रहे हैं।

