राजस्थान में पिछले दो दिनों से जो गतिविधियां चल रही हैं उससे सत्ता का हस्तानांतरण अब साफ़ तौर पर नज़र आने लगा है और ऐसा इस लिए कहा जा रहा है कि सीएम इन वेटिंग सचिन पायलट के निवास पर राजनीतिक हलचलें तेज़ हो गयी हैं , ख़बरों की माने तो विधायकों से लेकर टॉप लेवल के अधिकारीयों का वहां आना जाना शुरू हो गया है, एक अपुष्ट खबर के मुताबिक कल से अबतक सचिन पायलट से 50 से 60 कांग्रेसी विधायक मिल चुके हैं.
दरअसल एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत के जाल में फंसकर जिस दिन कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत ने सरेंडर किया और 10 जनपथ से सचिन पायलट को हरी झंडी मिलने की खबर सामने आयी उसी दिन सचिन अपने पायलट प्रोजेक्ट पर एक्टिव हो गए. इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत उनका विधायकों से मिलना मिलाना और समझाना बहुत ज़रूरी था और उसी कोशिश का नतीजा है जो राजस्थान के सीएम इन वेटिंग का निवास स्थान पिछले दो दिनों से गुलज़ार है.
इन विधायकों को भी अब यह लगने लगा है कि आने वाले दिनों में उन्हें किसके साथ काम करना है, नए नेतृत्व में नया मंत्रिपरिषद भी बनेगा और बहुत सम्भावना है कि कई नए मंत्री भी बनें तो सचिन के निवास पर यह सब उसी की कवायद शुरू हो गयी हो. हालाँकि अभी इस बारे में कोई घोषणा नहीं हुई है, इसे तब तक सही नहीं माना जा सकता जबतक अशोक गेहलोत कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल नहीं कर देते।

