मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में शवों की अदला-बदली के बाद लिया निर्णय
मेरठ। मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में कोविड मरीजों के शव बदले जाने की घटना ने शासन- प्रशासन तक हलचल मचा दी है। इस प्रकार की घटना की पुनरावृति होने से रोकने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कोविड-19 मरीज के शवों की पैकिंग के लिए पारदर्शी बैग खरीदने का निर्णय लिया है।
इन पारदर्शी बैग में शव का चेहरा देखा जा सकेगा। जिससे स्वजन शव को पहचान कर अपनी तसल्ली कर सकेंगे।
अभी तक कोविड-19 संक्रमण से मृत व्यक्ति के बैग पर लगे टैग से ही उसकी पहचान होती है। टैग के बदल जाने के कारण ही पूर्व में शवों की अदला-बदली हो गई थी।
गौरतलब है कि पिछले शनिवार को मोदीनगर निवासी गुरु वचन लाल की कोरोना संक्रमण से मृत्यु होने के बाद मेडिकल कॉलेज में उनका शव बदल गया था। अंतिम संस्कार करते समय स्वजनों को इस बात का पता चला तो हंगामा खड़ा हो गया।
डीएम अनिल ढींगरा ने इस मामले में जांच कमेटी बनाकर कई मेडिकल कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की है। इस प्रकरण के सामने आने से मेडिकल में अब तक हुई कोरोना संक्रमितों की मृत्यु के दिये गए शवों की पहचान को लेकर भी संदेह पैदा होने लगा है।
क्योंकि कोरोना संक्रमण से मृत व्यक्ति के शरीर को अब तक 3 लेयर में पैक किया जाता है। स्वजनों को उस पैकिंग को न खोलने की हिदायत दी जाती है। मगर शवों की अदला-बदली का मामला सामने आने के बाद स्वजनों को समझाना और बॉडी पैकिंग न खोलने देना मुश्किल हो जाएगा।
ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ ज्ञानेंद्र ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉक्टर के के गुप्ता से पारदर्शी बॉडी पैक खरीदें पर चर्चा की है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही पारदर्शी बैग मेडिकल को उपलब्ध हो जायेंगे।
कोविड वार्ड प्रभारी डॉक्टर सुनील राठी ने बताया कि कई अस्पतालों में पहले से ही शव को पारदर्शी बॉडी पैकिंग में पैक करके दिया जाता है। मेडिकल कॉलेज में भी इसी व्यवस्था को अपनाने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि शवों की अदला बदली होनी संभव न हो सके। वही स्वजनों को भी शव का चेहरा देखकर तसल्ली रहेगी

