बिजनेस बाइट्स से खास बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा, किसान संसद से सड़क तक अपनी बात रखेगा
देश का किसान आंदोलन से ही जिंदा रहेगा, राजनीतिक दलों के भरोसे नहीं
सुनील शर्मा,
मेरठ। अपनी बेबाक टिप्पणी और किसान हित के लिये किसी भी सरकार से टकराने की विरासत में मिली हिम्मत के लिये जाने जाते भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अध्यादेशों को लेकर सवाल खड़े किये। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब दिल्ली की कोठियों में बैठकर अधिकारी बिल बनायेगा और नेता हाउस में बैठकर उसे पास कर देंगे तो किसान का भला कैसे होगा।
किसान हित में बिल लाये जाने का दावा करने वाली सरकार ने किसान का पक्ष जानने का प्रयास भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि देश का किसान संसद से लेकर सड़क तक अपनी बात रखेगा। किसानों के आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि जब सरकार व्यापारिक बन जायेगी तो इस तरह के हालात पैदा होंगे। आज जिस तरह से विभाग बेचे जा रहे हैं, हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए टिकैत ने कहा, भई कहां ले जाओगे देश को आप, बताओ न!
आज किसानों के चक्का जाम करने के दौरान मुजफ्फरनगर स्थित अपने आवास पर बिजनेस बाइट्स से खास बातचीत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों को लेकर केंद्र सरकार तीन अध्यादेश लेकर आयी है। मगर इन अध्यादेश को पास करने से पहले किसानों से उसका पक्ष जानने का प्रयास नहीं किया।
भूमि अधिग्रहण एक्ट को लेकर सभी किसानों से बात की गयी जिससे बिल को बेहतर तरीके से बनाया गया। इसका लाभ भी किसानों को मिला। मगर वर्तमान सरकार ने फसल बीमा योजना को लागू करने से पहले भी किसानों से सुझाव नहीं लिये। जिसके कारण बिल में कमियां रहीं और तीन साल में बिल में चेंज करना पड़ा।
अब पास किये गये बिल को भी उसमे मौजूद कमियों के कारण जल्द की बदलाव करने की आवश्यकता पड़ेगी। बेहतर यही होता कि किसानों का पक्ष, उसकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बिल लाया जाता।
राकेश टिकैत ने कहा मंडी समिति पर सरकार का नियंत्रण होने के कारण उसकी कमियों को लेकर शिकायत सवाल किये जा सकते थे मगर अब किसान अपनी बात कहां कहेगा। उन्होंने कहा कि यदि पीएम मोदी के कहे अनुसार यह बिल किसानों की जिंदगी को बदलने वाला होता तो हम सरकार को धन्यवाद देते। सरकार यदि किसान का वास्तव में हित करना चाहती है तो एमएसपी से नीचे खरीद न किये जाने का भी बिल लाकर सदन में पास कराये।
किसानों को विपक्ष द्वारा गुमराह किये जाने के सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा, किसान अपना नफा-नुकसान खुद समझता है कोई राजनीतिक दल उसे गुमराह नहीं कर सकता। देश में किसान आंदोलन से जिंदा रहेगा राजनीतिक दलों के आश्वासन के भरोसे नहीं। किसान हित में नेशनल एग्रीकल्चर पाॅलिसी बनाये जाने की आवश्यकता है।

