राजस्थानी संस्कृति और स्वाद से परिचय करायेगा ऋषि ग्राम

मेरठ रीजनराजस्थानी संस्कृति और स्वाद से परिचय करायेगा ऋषि ग्राम

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राजस्थानी संस्कृति और स्वाद से परिचय करायेगा ऋषि ग्राम

आईआईएमटी परिसर स्थित ऋषि ग्राम में मिलेंगे गाय के शुद्ध देसी घी से निर्मित व्यंजन
पत्तलों पर परोसा जायेगा भोजन, नेपथ्य में चलता रहेगा मधुर संगीत

मेरठ। भारतवर्ष को एकता के सूत्र में बांधने के लिये आवश्यक है कि हम भारतीय देश की अलग-अलग संस्कृतियों से परिचित हो सके। इसी उद्देश्य से आईआईएमटी विश्वविद्यालय, गंगानगर परिसर में ऋषि ग्राम का निर्माण किया गया है। ऋषि ग्राम में आने वाले मेहमान राजस्थानी संस्कृति से रूबरू होने के साथ राजस्थान के स्वादिष्ट व्यंजनों को चखने का आनंद ले सकेंगे। गैर व्यवसायिक गतिविधियों के अन्र्तगत ऋषि ग्राम का संचालन नो प्राॅफिट-नो लाॅस के आधार पर किया जायेगा।

आईआईएमटी विश्वविद्यालय, गंगानगर परिसर में निर्मित ऋषि ग्राम में आयोजित पत्रकार वार्ता में ऋषि ग्राम के संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए आईआईएमटी विश्वविद्यालय के चेयरमैन श्री योगेश मोहनजी गुप्ता ने कहा कि भारतीय संस्कृति में राजस्थान विशेष स्थान रखता है। लोगों को राजस्थान की संस्कृति और स्वादिष्ट व्यंजनों के स्वाद से परिचित कराने के लिये ही ऋषि ग्राम की परिकल्पना को साकार रूप दिया गया है। ऋषि ग्राम में आने वाले व्यक्तियों का आदर-सत्कार राजस्थानी संस्कृति के अनुसार किया जायेगा।

राजस्थानी संस्कृति और स्वाद से परिचय करायेगा ऋषि ग्राम

हरियाली वातावरण से परिपूर्ण ऋषि ग्राम में लोगों को गाय के देसी घी से निर्मित स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। राजस्थानी व्यंजनों को मिट्टी की बनी हांडियों में पकाया जायेगा। मेहमानों को जमीन पर बैठाकर पत्तों की बनी प्लेटों पर खाना परोसा जायेगा। वहीं पानी, दूध-रायता आदि भी मिट्टी के बने कुल्हड़ों में दिया जायेगा। राजस्थानी वेशभूषा पहनकर खाना परोसने वाले आपको राजस्थान में होने का अहसास दिलायेंगें। वहीं भोजन कक्ष पर गिरता पानी हर मौसम में बारिश के सुहाने वातावरण का अहसार प्रदान करेगा।

ऋषि ग्राम में आने वाले बुजुर्ग या ऐसे लोग जो किसी कारणवश जमीन पर बैठकर भोजन करने में असमर्थ हैं उनके लिये मूढों पर बैठकर भोजन करने की व्यवस्था भी की गयी है। नेपथ्य में गूंजते भगवान श्रीकृष्ण के भजन और संगीत के बीच राजस्थानी संस्कृति और उसके स्वाद से परिचित होने का आनंद आपको सदैव स्मरण रहेगा।

ऋषि ग्राम में बच्चों के मनोरंजन का भी पूरा ध्यान रखा गया है। ऋषि ग्राम में बच्चों के लिये खास झूले लगाये गये हैं। पेड़ों के बीच लगाये गये झूलों पर पींगे बढ़ाते बच्चों की किलकारियां निःसंदेह पूर्ण ऋषि ग्राम परिसर सहित मेहमानों के हद्य को भी हर्ष से भर देंगी।ऋषि ग्राम में आने वाले बच्चे घुड़सवारी का भी आनंद प्राप्त कर सकते हैं। मेहमानों के ऋषि ग्राम तक पहुंचने के लिये बैट्री कार का भी प्रबंध रहेगा। मेहमान अपनी इच्छानुसार हरे-भरे खेतों के बीच पैदल चलकर भी ऋषि ग्राम तक पहुंच सकते हैं। वहीं ऋषि ग्राम से लगी गोशाला में लोग गोसेवा करने का पुण्य भी प्राप्त कर सकते हैं। लोग अपनी इच्छानुसार गायों को चारा-गुड़ आदि खिला सकते हैं। सुंदर गायों के बीच नन्ही गाय और बछडे़ बड़ों के साथ बच्चों को भी आकर्षिक करेगे।

राजस्थानी संस्कृति और स्वाद से परिचय करायेगा ऋषि ग्राम

ऋषि ग्राम की स्थापना और संचालन का उद्देश्य पूर्णतया गैर व्यवसायिक है। लोगों को राजस्थानी संस्कृति से रूबरू कराने, वहां के भोजन का आनंद प्रदान करने और आईआईएमटी के स्कूल ऑफ होटल मैेनेजमेंट के विद्यार्थियों को व्यवहारिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से नो प्राॅफिट-नो लाॅस की नीति के अनुरूप ऋषि ग्राम का संचालन किया जायेगा।

ऋषि ग्राम में मेहमानों को लंच और डिनर की सुविधा प्रदान की जायेगी। एक बार में न्यूनतम 25 और अधिकतम 100 मेहमानों का सत्कार किया जायेगा। ऋषि ग्राम में मेहमानों को गाय के शुद्ध घी में बना भोजन परोसा जायेगा जो पौष्टिकता से पूर्ण होगा और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ायेगा।

पत्रकार वार्ता को आईआईएमटी समूह के चेयरमैन श्री योगेश मोहनजी गुप्ता ने संबोधित किया। इस अवसर पर आईआईएमटी विश्विद्यालय के वाइस चेयरमैन श्री अभिनव अग्रवाल, विश्विद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज कुमार मदान, स्कूल आॅफ होटल मैेनेजमेंट के डायरेक्टर प्रो. एसके तूर व सभी विभागों के डीन मौजूद रहे।

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