लखनऊ: उत्तर प्रदेश में चुनावी शंखनाद हो चुका है और राजनीतिक दल भी अपनी-अपनी कमर कस चुके हैं। बड़ी बात ये है कि इस बार कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए चुनाव आयोग ने वर्चुअली रैली करने की बात कही है। वर्चुअल प्रचार पर जहां एक और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ‘फंड’ की बात कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी आरोप लगा रही है कि चुनाव आयोग भाजपा से दबा हुआ है।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मीडिया विभाग के चेयरमैन नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने वर्चुअली प्रचार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, अगर वर्चुअली प्रचार को एहमियत देना ही था तो इसकी जानकारी पहली दी जाती। उन्होंने कहा, ‘चुनाव आयोग की जिम्मेदारी थी वर्चुअली प्रचार के तरीकों से राजनीतिक दलों को रूबरू कराया जाये। इस प्रदेश के लगभग 60 प्रतिशत लोग ये जानते ही नहीं हैं कि वर्चुअल है क्या। वर्चुअल प्रचार कराना भारतीय जनता पार्टी की साजिश है। चुनाव आयोग भाजपा से दबा हुआ है। प्रदेश की जनता वर्चुअल प्रचार के लिए तैयार ही नहीं है।’
राजनीतिक दलों पर थोप दिया गया है वर्चुअल प्रचार: नसीमुद्दीन सिद्दीकी
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा है कि हमारे ऊपर वर्चुअल प्रचार थोप दिया गया है। अब कुछ न कुछ तो करना है, हम हाथ पर हाथ रख कर नहीं बैठेंगे। प्रियंका गांधी ने वर्चुअल प्रचार करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, अभी हमारा फोकस टिकट बंटवारे पर है, इसको फ़ाइनल करने के बाद हम चुनाव आयोग द्वारा बताये गए नियमों के तहत प्रचार करेंगे।
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जो टिकाऊ हैं वे टिक गए और जो बिकाऊ हैं वे बिक गए
वहीं, इमरान मसूद के कांग्रेस छोड़ने पर प्रतिक्रिया देते हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा है कि उनके जाने से पार्टी और संगठन को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘जो टिकाऊ हैं वे टिक गए और जो बिकाऊ हैं वे बिक गए हैं।’

