कैली गांव में हुई किसान महापंचायत में ट्रैक्टर से पहुंचीं प्रियंका गांधी
किसानों से दिल्ली बाॅर्डर की तरह गांव-गांव आंदोलन करने को कहा
अमित बिश्नोई
मेरठ। मुझमें जब तक है दम तब तक लडूंगी। इसमें चाहे 100 दिन लगे या 100 साल। मेरठ में सरधना के कैली गांव में बुलाई गयी किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए जब प्रियंका गांधी ने उक्त उदबोधन किया तो लगा कि साक्षात पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी मंच से गरज रही हों। सहारनपुर, बिजनौर और मुजफ्फरनगर की महापंचायत की तरह प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी और उनके खरबपति मित्रों पर जमकर निशाने साधे। वहीं मेरठ से ही आजादी की लडाई की शुरू होने की बात कह प्रियंका ने किसानों से कृषि कानूनों के खिलाफ भी दिल्ली बार्डर की तरह गांव-गांव में आंदोलन करने का आह्वान किया।
आज सरधना के कैली गांव में आयोजित महापंचायत के लिये कांग्रेेस कार्यकताओं ने पूरा जोर लगाया हुआ था। उनकी मेहनत सफल भी दिखी और महापंचायत स्थल खचाखच भरा दिखाई दिया। दोपहर में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ट्रैक्टर पर सवार होकर महापंचायत स्थल पर पहुुंची तो लोग उनकी एक झलक पाने को बेताब रहे। उत्साहित किसानों का ट्रैक्टर पर सवार प्रियंका ने अभिवादन किया और मंच तक पहुंची।
किसानों को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी के तेवर पूूर्व की तरह पीएम मोदी और उनके दोस्तों के खिलाफ आक्रमक रहे। प्रियंका ने कहा कि यह अंग्र्रेजों के कानून से शोषित लोगों ने आजादी की लड़ाई मेरठ से ही शुरू की थी। आज कृषि कानूनों के कारण किसानों को फसलों का उचित दाम नहीं मिल पायेगा। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना बंद होगा तो उनकी फसल की खरीद पर उद्योगपतियों का नियंत्रण रहेगा। प्राइवेट मंडी खुलते ही एमएसनी बंद कर दी जाएगी। खरबपति बाद में फसल लेने से मना कर दे तो किसान क्या करेगा। लेकिन सौदे पर खतरा न उतरने और किसान सिर्फ एसडीएम तक जा सकेगा। किसान खरबपतियों के खिलाफ कोर्ट नहीं जा सकेगा।
किसानों की रग पर हाथ रखते हुए प्रियंका ने कहा कि संसद में जब राहुल गांधी ने किसानों की मौत का मुद्दा उठाया तो सभी मौन रहे और सत्ता पक्ष का कोई व्यक्ति खड़ा नहीं हुआ। आंदोलनजीवी और परजीवी कहकर किसानों का अपमान किया गया है। उन्होंने किसानों के साथ होने का आश्वासन देते हुए कहा कि जब-जब आप संकट में होंगे कांग्रेस खड़ी होगी। दुख हो या सुख तब तब पहुंचेंगे। हम कर्जदार हैं आपके। उन्होंने कहा कि जब तक मुझमें दम है तब तक लड़ूंगी। इसमें चाहे 100 दिन लगें या 100 साल, आपकी लड़ाई मेरी लड़ाई है।

