लॉकडाउन लगाने के बावजूद बाजार में जुट रही है भीड़
महानगर की प्रमुख सड़कों पर भी रहती है चहल-पहल
सुनील शर्मा
मेरठ। जनपद में कोरोना आये दिन लोगों की जान ले रहा है। आंकड़े मन में खौफ पैदा कर रहे है। श्मशानों में जलती चिताएं देखकर दहशत हो रही है। मगर ऐसे गंभीर हालात में भी महानगर के बाजारों में मौजूद भीड़ देखकर डर लगता है। सड़कों पर दौड़ते वाहनों को देखकर चिंता होती है। लोग न जाने क्यों यह समझने को तैयार नहीं है कि आज भले ही दूसरा आदमी कोरोना का शिकार होकर अस्पताल में भर्ती है मगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में हमारा भी नंबर आ सकता है। न जाने क्यों इन लोगों को यह लग रहा है कि उन्हें तो कोरोना हो ही नहीं सकता। अगर लोग जागरूक हो जायें तभी कोरोना को काबू में किया जा सकता है। और ऐसा करने में अब तक तो हम नाकाम दिख रहे हैं। तब काबू में कोरोना आ जाए।
मेरठ में बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिये लाॅकडाउन लगाया गया है। मगर तमाम बंदिशों के बावजूद बाजारों में आने वाली भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही। महानगर के कोटला बाजार, वैली बाजार, शहर दालमंडी में ग्राहकों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को भी इन बाजारों में ग्राहकों की भीड़ के चलते जाम की स्थिति बनी रही। बाजार में लोगों की उमड़ी भीड़ के कारण शरीरिक दूरी की बंदिशें हर कदम टूटती दिखाई दे रही हैं। वहीं मास्क लगाने में भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं और नाक तक को ढकने वाला मास्क ढोडी पर दिखाई देता है। हां कोई टोक दे या पुलिस सामने दिख जाये तो मास्क कुछ समय के लिये ऊपर हो जाता है मगर थोड़ी देर के बाद हालात फिर वैसे ही हो जाते हैं।
वहीं बाजारों में भीड़ को रोकने के लिये पुलिस-प्रशासन भी कोई ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं है। वहीं अधिकारियों के स्पष्ट आदेश के बिना बाजारोें में मौजूद पुलिसकर्मी भी सख्ती बरतने को तैयार नहीं है। बाजारों के कोनों पर पुलिसकर्मी मौजूद तो रहते हैं मगर बाजारों में भीड़ को बढ़ने से रोकना उनके लिये नामुमकिन है। ऐसे में वह भी मूकदर्शक बन कर खडेे़ रहते है। वहीं कोरोना संक्रमण रोकने के लिये जिम्मेदार अधिकारी से लेेकर जनप्रतिनिधि तक इन बाजारों में बढ़ती भीड़ से आंखे मूंदे हुए हैं। यही नजरअंदाजी जनपद में कोरोना संक्रमण फैलने का प्रमुख कारण बनती जा रही है।

