समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि पूँजी निवेश पर योगी सरकार लोगों को सब्ज़बाग़ दिखला रही है. हकीकत यह है कि विकास की दौड़ में दुसरे सभी राज्यों से उत्तर प्रदेश बहुत पिछड़ गया है इसलिए प्रदेश के बाहर से पूंजीनिवेश नहीं आ रहे और नए रोजगार का सृजन नहीं हो रहा है। अखिलेश ने भाजपा को एक समस्या बताते हुए कहा कि इस समस्या का हल यही है कि देश और प्रदेश से इसको उखाड़ फेंका जाय.
मध्यम व लघु उद्योग को ख़त्म करना चाहती है भाजपा
अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी के मुंबई के एक दिन के दौरे पर पांच लाख करोड़ का निवेश मिलने की घोषणा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस तरह की घोषणाएं करने से अच्छा होता भाजपा सरकार पहले उत्तर प्रदेश में बंद हो रहे उद्योगों एवं कारोबार की दुर्दशा जानने की कोशिश करती। अखिलेश ने कहा बड़े पूंजीपतियों को बढ़ावा देने का भाजपा का दरअसल उद्देश्य और मध्यम व लघु उद्योग और छोटे व्यापारियों को खत्म करना है। भाजपा सरकार की इसी घातक नीति के कारण लोगों का काम चौपट हुआ है और बेरोजगारी बढ़ी है।
1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लिए अभी ढूंढे जा रहे हैं सलाहकार
अखिलेश ने कहा कि योगी सरकार का इरादा एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का था। छह साल हो रहे हैं लेकिन भाजपा सरकार अभी तक इस लक्ष्य को पाने के लिए सलाहकारों को ही ढूंढ़ रही है। अखिलेश ने कहा कि पिछली इन्वेस्टर समिट का कोई नतीजा नहीं निकला, एक भी एम्ओयू ज़मीन पर नहीं उतरा। दवा तो कर दिया पांच लाख करोड़ का इन्वेस्टमेंट आने का लेकिन इसका कुछ अता पता नहीं कि यह कहाँ से आ रहा है, कौन कर रहा है. यह भी पिछली इन्वेस्टर समिट्स की तरह होगा। एलान होंगे, जनता के बीच दावे किये जायेंगे और फिर कुछ दिन बाद एक नयी इन्वेस्टर समिट की तैयारी हो रही होगी.

