जोशीमठ। जोशीमठ में दरकते पहाड़ों ने जिंदगी थाम दी है। जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के आहवान पर आज आज चक्काजाम और बाजार बंद का ऐलान किया गया है। जिसके चलते पूरे जोशीमठ के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। संघर्ष समिति अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार ने बताया कि प्रभावित परिवारों में शासन-प्रशासन के खिलाफ गुस्सा और आक्रोश है। विरोध प्रदर्शन के चलते औली रोड पर कई किमी लंबा जाम लग गया है।
भू-धंसाव से प्रभावित परिवारों का गुस्सा फूट रहा है। जोशीमठ संघर्ष समिति के आह्वान पर बुधवार की देर शाम लोगों ने मशाल लेकर बदरीनाथ स्टैंड से मारवाड़ी चौक तक सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में प्रभावित परिवार के लोग शामिल हुए। अभी तक जोशीमठ से 27 परिवारों के 120 लोगों को शिफ्ट किए जा चुका हैं।
जोशीमठ में भू-धंसाव की परेशानी को लेकर जिला प्रशासन ने जोशीमठ के प्रभावित लोगों को तुरंत राहत और किसी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए कंट्रोल रुम स्थापित किया। इसका नंबर 8171748602 है। इस पर किसी सहायता के लिए प्रभावित परिवार हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। भू-धंसाव की चपेट में ज्योतिर्मठ परिसर आ गया है।
परिसर के अधिकांश भवनों, मंदिर के आसपास दरारें पड़ गई हैं। ज्योतिर्मठ के प्रभारी ब्रह्मचारी मुकुंदानंद ने कहा कि मठ के प्रवेश द्वार, लक्ष्मी नारायण मंदिर व सभागार में दरार पड़ गई हैं। परिसर में टोटकाचार्य गुफा,राजराजेश्वरी मंदिर और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य की गद्दी स्थल में भी दरार पड़ी है।

