अमित बिश्नोई
वानखेड़े स्टेडियम पर कल श्रीलंका के खिलाफ खेले गए पहले टी 20 मैच में हार्दिक पटेल की कप्तानी में टीम इंडिया को दो रनों से कामयाबी मिल गयी. मैच के नतीजे से ही लगता है कि काफी नज़दीकी लड़ाई हुई है. हालाँकि दोनों टीमों की ICC रैंकिंग में बहुत फर्क है, भारत जहाँ पहले नंबर पर है वहीँ श्रीलंका नंबर आठ पर. इस बात का ज़िक्र करने का मेरा आशय आप समझ ही गए होंगे। वैसे टी 20 मैचों में इस तरह के नतीजे होते रहते हैं. नीचे वाली टीमें भी ऊपर वाली टीमों को टक्कर देती रहती हैं. इस मैच में एक समय भारत बड़ी आसानी से जीतता हुआ लग रहा था, लेकिन एक समय ऐसा आया कि लगा हार भी मिल सकती है. अक्षर पटेल को अंतिम ओवर दिया गया और 13 रनों का लक्ष्य, बहरहाल अक्षर ने इस ओवर में एक छक्का खाने के बावजूद टीम को दो रनों से जीत दिला दी.
मैच पर नज़र डालें तो दोनों टीमों की परफॉरमेंस लगभग एक जैसी ही थी. दोनों ही टीमों का टॉप आर्डर फ्लॉप हुआ. दोनों ही टीमों के 6, 7 और 8 नंबर के बल्लेबाज़ों ने ही रन बनाये। खैर हमें श्रीलंका के टॉप आर्डर से कोई मतलब नहीं, हमें चिंता अपने टॉप आर्डर की है. भारत के लिए शुभमन गिल ने आज अपने टी 20 अंतर्राष्ट्रीय कैरियर की शुरुआत की और नाकाम रहे. कहा जा रहा है कि इस फॉर्मेट से टीम के सीनियर खिलाडियों रोहित, कोहली और KLR को किनारे करके 2023 के विश्व कप को ध्यान में रखते टीम तैयार करने की कोशिश हो रही है लेकिन गिल इस फॉर्मेट में कैसे फिट बैठते हैं यह समझ से परे बात है. अगर उनके आईपीएल के प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें परखा जा रहा है तो फिर कई खिलाडी हैं जो बतौर सलामी बल्लेबाज़ गिल से बहुत अच्छा प्रदर्शन लगातार करते आ रहे हैं.
संजू सेमसन को फिर आज़माया जा रहा है लेकिन वो फिर नाकाम रहे है, दरअसल घरेलू सीजन और आईपीएल में संजू सैमसन का प्रदर्शन बड़ा लाजवाब रहता है लेकिन उन्हें जब भी नेशनल टीम में मौका मिलता है वो उसे भुना भी नहीं पाते, कल भी वो जिस तरह की शॉट खेल कर आउट हुए वो उनके चयन पर सवाल ही उठाता है. यह तो भला हो अक्षर और दीपक हुड्डा का जिन्होंने आखरी ओवरों में आतिशी पारियां खेल कर स्कोर को वहां तक पहुंचा दिया जहाँ से टीम को अंततः कामयाबी मिल गयी.
टीम इंडिया के लिए इस मैच की सबसे अच्छी बात उत्तर प्रदेश के तेज़ गेंदबाज़ शिवम मावी का प्रदर्शन रहा, मावी का यह पदार्पण मैच था और 24 वर्षीय इस गेंदबाज़ ने इस मौके का भरपूर फायदा उठाया। मावी ने चार ओवरों में सिर्फ 22 रन देकर चार विकेट हासिल किये। एक तरह से मावी और उमरान मालिक ही ऐसे गेंदबाज़ रहे जिन्होंने श्रीलंकन बल्लेबाज़ों को लक्ष्य से दूर रखा. खैर यह तो अभी शुरुआत है, 2023 अभी काफी दूर है, अभी बहुत से प्रयोग होंगे, कुछ कामयाब होंगे तो कुछ नाकाम।

