ऑक्सीजन लगे बच्चे को हाथों में उठा कर ले जा रहे इमरजेंसी में
मुनीश कुमार
मेरठ। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर खत्म नहीं हुई की तीसरी लहर जल्द आने की आशंका जताई जा रही है। चिंता की बात यह है कि कोरोना की तीसरी लहर को बच्चों के लिये खतरनाक बताया जा रहा है। मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल काॅलेज में कोरोना की तीसरी लहर से निपटने और बच्चों को बेहतर उपचार दिये जाने की सारी व्यवस्थाएं करने का दावा अस्पताल प्रबंधन की ओर से किया जा रहा है।
मगर यह वीडियो मेडिकल काॅलेज के दावों की पोल खोलने के लिये काफी है। इस वीडियो में एक बीमार बच्चा जिसे ऑक्सीजन लगी हुई है को गोद में उठा कर ले जाता अभिभावक दिखाई दे रहा है। बच्चे का ऑक्सीजन पाइप एक सिलेंडर से जुड़ा है जिसे आगे चल रहा व्यक्ति खींच कर ले जा रहा है। ऐसे मेें ऑक्सीजन पाइप खींच भी सकता था और गोद से बच्चे के फिसलने की संभावना भी थी। वहीं बच्चे को इमरजेंसी ले जाने के दौरान रास्ते में अनेक व्यक्ति भी खड़े थे जिससे बच्चे के संक्रमित होने की आशंका भी थी।
जब एक बच्चे के लिये भी मेडिकल में उपयुक्त व्यवस्था नहीं है तो आशंका के अनुसार यदि कोरोना की तीसरी लहर आयी तो संक्रमित बच्चों को उपचार क्या इसी तरह से दिया जायेगा। यह आशंका हर अभिभावक के मन में रहेगी। बेहतर है कि मेडिकल काॅलेज पहले से ही बच्चों के इलाज की पुख्ता व्यवस्था कर ले ताकि जो हाल हमने एक महीने पहले तक देखा वह किसी बच्चे के माता-पिता को न देखना पड़े। किसी बच्चे को इलाज के लिये गोद में उठाये न फिरना पड़़े, अस्पताल में बेड न होने पर किसी बच्चे को वापस न लौटना पड़े। उपयुक्त इलाज के लियेे उपयुक्त व्यवस्था होना जरूरी है।

