आरोप लगाने वाले देवेन्द्र के घर पहुुंच कर दिया समर्थन
मेरठ। केएमसी हाॅस्पिटल में भर्ती कोरोना मरीजों की मौत कम मात्रा में ऑक्सीजन दिये जाने के कारण होने का आरोप लगाने वाले युवक ने रविवार को भी एक वीडियो वायरल कर अपने आरोपों को सही बताया है। वहीं इस मामले में सामाजिक संगठन भी केएमसी के विरोध में उतर आये हैं और अस्पताल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार डीएम के बालाजी ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए एडिशनल सीएमओ और एडीएम को जांच सौंपी है।
केएमसी हाॅस्पिटल में ऑक्सीजन प्लांट के इंचार्ज पद पर कार्य करने वाले देवेन्द्र नामक युवक ने सीओ ब्रहमपुरी को प्रार्थनापत्र देने के साथ एक वीडियो वायरल कर अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों की मौत का जिम्मेदार प्रबंधन को ठहराया था। देवेन्द्र का आरोप था कि 50 कोविड मरीजों को भर्ती करने की अनुमति होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने 193 कोविड मरीजों को भर्ती कराया। अस्पताल में मात्र 50 पेशेंट के लिये उपलब्ध ऑक्सीजन को कम मात्रा में 193 मरीजों को दिया गया। ऑक्सीजन सप्लाई का जो प्रेशर 4.1 होना चाहिये था उसे कोविड के समय जबरन 1.5 पर चलवाया गया। जिसके कारण प्रतिदिन 25-30 मरीजों की मौत हुई। देवेन्द्र ने इस बात का विरोध करने पर खुद को जान से मारने की धमकी देते हुए मारपीट का आरोप लगाया था।
इस मामले में रविवार को सामाजिक संगठनों ने भी आवाज बुलंद करते हुए केएमसी के विरोध में प्रदर्शन किया। कुछ सामाजिक संगठनों के नेता देवेन्द्र के घर पहुंचे और उसको अपना समर्थन दिया। बताया जा रहा है कि डीएम के बालाजी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और जांच के आदेश दिये हैं।

