मेरठ: ADG राजीव सभरवाल ने IG प्रवीण कुमार को एक ही IMEI पर 35 हजार से ज्यादा मोबाइल फोन चलने के मामले में नए सिरे से जांच कराने का निर्देश दिए हैं, इससे एक बार फिर चीन की कंपनी VIVO की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
दरअसल यह मामला जून 2020 में तब सामने आया था जब ADG मेरठ जोन कार्यालय में कार्यरत सब इंस्पेक्टर आशाराम ने 24 सितंबर 2019 को मेरठ स्थित VIVO के सर्विस सेंटर पर अपना मोबाइल ठीक होने के लिए दिया था। ठीक कराने के बाद भी जब मोबाइल ने सही से काम नहीं किया तो आशाराम ने अपने फोन को जांच के लिए साइबर क्राइम सेल को दिया था और जांच में पाया गया कि आशाराम के फोन का IMEI नंबर मौजूदा मोबाइल के आईएमईआई नंबर से अलग है।
इस बारे में जब वीवो के सर्विस सेंटर से पूछताछ की गयी तो उन्होंने कहा कि आईएमईआई नंबर बदले होने की बात से इंकार किया । इसी बीच जियो कंपनी से डाटा मांगा गया तो वहां से आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 24 सिंतबर 2019 को सुबह 11 से 11.30 के बीच देशभर में इस आईएमईआई नंबर पर करीब 13,557 मोबाइल नंबर एक्टिव थे। जांच और आगे बढ़ी तो पता चला कि एक ही आईएमईआई नंबर से 35 हजार से भी ज्यादा मोबाइल चल रहे हैं।
तब 1 जून 2020 को थाना मेडिकल में VIVO कंपनी के सर्विस सेंटर पर मुकदमा दर्ज कराया गया और केस की जांच नौचंदी थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार को दी गई। उन्होंने इस संबंध में ट्राई, VIVO समेत कई अथॉरिटी को नोटिस भेजकर रिपोर्ट मांगी थी। तमाम कार्रवाई के बाद फाइनल रिपोर्ट लगाकर केस बंद कर दिया गया था।
SSP प्रभाकर चौधरी कि FR के अनुसार, उक्त IMEI सर्विस सेंटर पर मोबाइल ठीक करते वक्त बाई डिफॉल्ट बदल रहा था । पुलिस ने बताया कि कंपनी की कोई कमी नहीं पाई गई। अब यह मामला क्राइम ब्रांच के तेज तर्रार इंस्पेक्टर को सौंपा गया है वह देखेंगे कि मुकदमे में क्या-क्या सुबूत थे और किस आधार पर फाइनल रिपोर्ट लगाई गई।

