ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस पर अब वाहन चालकों को मिलेगी दुर्घटनाओं से निजात, एनएचएआई (NHAI) बना रहा ये प्लान 

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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस पर अब वाहन चालकों को मिलेगी दुर्घटनाओं से निजात, एनएचएआई (NHAI) बना रहा ये प्लान 

मेरठ। ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे (Eastern Peripheral Express) पर सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत वाली खबर है। नोएडा (Noida) के रास्ते पलवल (Palwal) तक जाने वाले 132 किलोमीटर लंबे पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के कुछ हिस्सों पर वाहन या तो तेज जंप के कारण अनियंत्रित हो जाते हैं,या फिर ब्रेक लगाने पर वाहन फिसल जाते हैं। जिसके बाद कई बार बड़ा हादसा भी हो जाता है। इस तरह की शिकायत एनएचएआई को लगातार मिल रही थीं। अब इस समस्या से निपटने के लिए एनएचएआई ने विशेष योजना तैयार की है। जिसके तहत एनएचएआई की टीम ने 132 किलोमीटर लंबे रूट के वह सभी पॉइंट चिन्हित कर लिए हैं। जहां पर गाड़ी जब होती है या ब्रेक लगाने पर गाड़ी फिसल जाती है। इसके लिए एनएचएआई ने 110 करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान लगाते हुए निर्माण एजेंसी को यह जिम्मा सौंप दिया गया है।हालांकि निर्माण एजेंसियों से भी कुछ जगहों पर टेंडर की शर्तों के हिसाब से काम कराया गया है। लेकिन कुछ जगह उसके बाद भी ऐसे पॉइंट से जहां पर लोगों को इस समस्या से दो चार होना पड़ रहा था।

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नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधिकारियों की माने तो ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर कुछ जगह-जगह कुछ हिस्सों में ऐसी शिकायत देखने को मिली।कि उस जगह गाड़ी तेजी से जंप कर अनियंत्रित हो जाती है और कुछ जगह ब्रेक लगाने पर गाड़ी स्लिप हो जाती है। जिसके कारण कई बार बड़े हादसे होने का भी खतरा बना रहता है।इसलिए अब इस समस्या का निपटारा किए जाने के उद्देश्य से एनएचएआई की टीम ने 132 किलोमीटर वाले एक्सप्रेस का पूरा सर्वे कर लिया है। इनमें कुछ ऐसे पॉइंट भी हैं। जहां पर सड़क क्षतिग्रस्त भी पाई गई इसके लिए पिछले 8 महीने से यह लगातार सर्वे किया जा रहा है।सबसे ज्यादा गुणवत्ता की शिकायत नोएडा से पलवल और दुहाई से दादरी के बीच थी। नियम के तहत समय अवधि पूरी होने से पहले अंतिम सर्वे में सभी स्पॉट को चिह्नित कर-के देना होता है। उसके बाद अगर कहीं पर सड़क खराब या गड्ढा होता है, तो उसे एनएचएआई अपने स्तर पर पूरा कराएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस समस्या का निपटारा किए जाने के लिए 110 करोड़ रुपए की लागत का अनुमान लगाया गया है।इन सभी हिस्सों आधुनिक उपकरण और नई तकनीक से निर्माण कार्य किया जाएगा। जिसके बाद लोगों को इस तरह की समस्या का सामना पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर नहीं करना पड़ेग।

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