देहरादून। डोईवाला के कान्हर वाला भानियावाला निवासी जगेंद्र सिंह को आज छुटटी पर घर पहुंचना था। लेकिन उसके स्थान पर तिरंगा में लिपटा उसका पार्थिव शरीर पहुंचा तो कोहराम मच गया। आज सुबह तड़के शहीद जगेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर पूरे सेन्य सम्मान के साथ उनके आवास पर पहुंच गया। जगेंद्र सिंह सियाचिन ग्लेशियर में पेट्रोलिंग के दौरान शहीद हो गए थे। शहीद का पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही परिवार और गांव के लोगों का रोकर बुरा हाल है।
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घर पर कुछ देर तक शहीद का पार्थिव शरीर रोकने के बाद हरिद्वार अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाएगा। बता दें कि सियाचिन ग्लेशियर में लैंड स्लाइडिंग होने के कारण कान्हरवाला निवासी हवलदार जगेंद्र सिंह 325 लाइट एडी शहीद हो गए थे। शहीद का पार्थिव शरीर आज शुक्रवार तड़के उनके आवास पर पहुंचा।
शहीद जगेंद्र सिंह की एक महीने की छुटटी आज 25 फरवरी से शुरू होनी थी। उन्होंने अपनी छुटटी की जानकारी अपने पिता सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर राजेंद्र सिह को दी थी। लेकिन छुटटी पर आने से पहले ही यह हादसा हो गया और जगेंद्र सिंह चौहान शहीद हो गए। शहीद जगेंद्र सिंह के मामा रिटायर्ड कैप्टन मनवीर सिंह ने शहीद होने की जानकारी दी थी। मामा को 325 लाइट एडी बैटरी कमांडर मेजर पॉल ने बताया था कि जगेंद्र सिंह चौहान सियाचिन ग्लेशियर में लैंड स्लाइडिंग के दौरान शहीद हो गए।
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उनकी पत्नी किरन का रो—रोकर बुरा हाल है। पत्नी किरन चौहान का कहना है कि जगेंद्र सिंह चौहान 25 फरवरी को घर आना था। वो घर तो आए, लेकिन तिरंगे में लिपटकर,ऐसी उम्मीद नहीं थी। उनके शहीद होने की सूचना मिलने के बाद से मा विमला और पत्नी किरन सदमे में हैं।

