वाराणसी। ज्ञानवापी परिसर स्थित मां श्रृंगार गौरी व अन्य देव विग्रहों के पूजन और संरक्षण संबंधी केस मामले में अदालती कार्यवाही के दौरान लगातार धमकी भरे फोन और पत्र मिलने की घटना सामने आ रही है। सबसे पहले इस मामले की सुनवाई आरंभ कर ज्ञानवापी परिसर के सर्वे के लिए कोर्ट कमिश्नर की नियुक्त हुए फिर सर्वे और वजूखाने में मिली शिवलिंगनुमा आकृति वाले स्थल को सील कराने वाले सिविल जज सीनियर डिवीजन को धमकी भरा पत्र मिला था। उस मामले की जांच अभी तक चल रही है कि इसी बीच वादी हिंदू पक्ष के पैरोकार डॉ0 सोहन लाल आर्य के मोबाइल नंबर जो कि उनकी पत्नी उपयोग करती हैं। उस पर पाकिस्तानी नंबर से धमकी मिली है। इस धमकी भरी कॉल का का खुलासा डा0 आर्य ने अब किया है। जबकि ये धमकी पाकिस्तान से उनको जुलाई में मिली थी। उन्होंने इस मामले की जानकारी वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट और जिला प्रशासन को दी। जिस पर देर शाम थाना लक्सा में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इस प्रकरण में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के अलावा आईबी ने जांच शुरू कर दी है।
बता दें कि डा0 सोहन लाल आर्य ज्ञानवापी प्रकरण में हिंदू पक्ष के पैरोकार हैं।
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डॉ0 आर्य ने बताया कि धमकी भरे कॉल के बारे में न केवल वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट व जिला प्रशासन बल्कि इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों को सूचित किया गया। उन्होंने आईबी अधिकारियों से हुई बातचीत के संबंध में बताया कि उन्हें आशंका है कि ये धमकी भारत से किसी शख्स ने पाकिस्तानी नंबर से कॉल कर दी है। मोबाइल नंबर आईबी के अधिकारियों को सौंप दिया है। उनका कहना है कि उनके पास दो मोबाइल नंबर हैं। जिसमें से एक उनकी पत्नी के पास है जबकि दूसरा उनके पास है। दोनों नंबर पर धमकी भरी कॉल आई। जिसमें कहा गया कि तुम्हारा भी सिर तन से जुदा कर देंगे। उन्होंने बताया कि इससे पहले 19 मार्च को धमकी भरी कॉल आई थी। उसके बाद 19 जुलाई को जान से मारने की धमकी मिली थी। डॉ0 आर्य ने बताया कि वो इससे डरने वाले नहीं हैं। हिंदुत्व और बाबा विश्वनाथ के मंदिर की रक्षा के लिए जान चली जाय तो कोई फर्क नहीं। बता दें कि उनकी सुरक्षा में दो पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। डॉण् आर्य ने बताया कि धमकी देने वाले व्यक्ति ने मां श्रृंगार गौरी केस वापस लेने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि कुछ आतंकवादी संगठन पीछे पड़े हैं। उन्होंने बताया कि वो विश्व हिंदू परिषद उपाध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांतीय पदाधिकारी के पद पर हैं।

