मेरठ। कामनवेल्थ खेल 2022 में मेरठ की बेटियों ने कमाल कर दिखाया है। रूपल चौधरी के बाद प्रियंका गोस्वामी और अब बेटी अन्नू रानी ने कॉमनवेल्थ खेल में मेरठ का डंका बजा दिया है। अन्नू रानी ने जैवलिन थ्रो में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। मेरठ की तीन बेटियों ने देश के लिए चार मेडल जीतकर देश का सम्मान तो बढ़ाया ही है साथ ही मेरठ का नाम भी रोशन किया है। मेरठ की बेटी अन्नू रानी ने राष्टमंडल खेलों में आज जैवलिन थ्रो में कांस्य पदक जीतकर गांव से लेकर देश तक का नाम रोशन किया। अन्नू रानी मेरठ की तहसील सरधना क्षेत्र के गांव बहादरपुर की रहने वाली हैं। अन्नू रानी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जैवलिन थ्रो में देश के नाम कांस्य पदक जीतकर अपने गांव के साथ ही मेरठ का भी मान बढ़ाया है। अन्नू रानी के कांस्य पदक जीतने पर पूरे गांव में खुशी का माहौल है। गांव में अन्नू रानी के घर मिठाइयां बांटी जा रही हैं और जीत का जश्न भी मनाया जा रहा है।
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अन्नू रानी ने महिलाओं की जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। अन्नू का बेहतरीन प्रयास 60 मीटर का रहा। वहीं, ऑस्ट्रेलिया की खिलाड़ी केल्सी ने 64 मीटर की दूरी के साथ स्वर्ण पदक जीता। बर्मिंघम कॉमनवेल्थ खेल में एथलीट अन्नू रानी से भाला फेंक प्रतियोगिता में देश को सोने की बहुत उम्मीद थी। लेकिन उन्हें कांस्य पदक जीतकर ही संतोष करना पड़ा। बता दें कि चोट लग जाने के कारण से नीरज चोपड़ा ने प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया था। ऐसे में पदक जीतने का पूरा दारोमदार मेरठ की बेटी अन्नू रानी पर आ गया था। अन्नू रानी का खेत की चकरोड़ से बर्मिंघम तक पहुंचने का सफर काफी दिलचस्प रहा है।

