बुलंदशहर: सियासी दलों के लिए मुसीबत बन रहे बागी

उत्तराखंडबुलंदशहर: सियासी दलों के लिए मुसीबत बन रहे बागी

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बुलंदशहर: सियासी दलों के लिए मुसीबत बन रहे बागी

  • टिकट न मिलने के कारण भाजपा के बुलंदशहर और सिकंदराबाद विधायक ने बजाया बागी बिगुल

बुलंदशहर। विधानसभा चुनाव ( Assembly Election 2022) के सियासी संग्राम में बागियों ने भी बगावत का झंडा उठा लिया है। टिकट नहीं मिलने पर कुछ नेताओं ने बगावत का बिगुल बजा दिया है। ऐसे नेता पार्टी प्रत्याशियों के लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं। टिकट नहीं मिलने से नाराज नेताओं को मनाने का क्रम भी जोरों पर चल रहा है। जनपद में पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने सात में चार विधायकों के टिकट काट दिए हैं। इनमें चार में से दो विधायक बुलंदशहर सदर से उषा सिरोही और सिकंदराबाद से विधायक विमला सोलंकी बगावत की राह पर हैं। हालांकि उन्हें मनाने के लिए जिले से लेकर क्षेत्र और प्रदेश स्तर के भी कुछ नेता पूरी मुहिम चलाए हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि दोनों विधायकों ने उनके टिकट काटने की वजह पूछी है। सूत्र बताते हैं कि बुलंदशहर सदर विधायक के पुत्र डा.दिग्विजय सिरोही तो चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे हुए हैं। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी को नुकसान हो सकता है। उधर, खुर्जा विधायक विजेन्द्र सिंह और डिबाई विधायक डा.अनीता लोधी का टिकट कटने से उनके समर्थक भी मायूसी के साथ आक्रोश में हैं। ऐसे में उनकी नाराजगी यदि दूर नहीं हुई तो पार्टी प्रत्याशियों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल सिसौदिया का दावा है कि सभी अनुशासित कार्यकर्ता हैं। पार्टी प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाकर विजयी बनाएंगे।

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सपा-रालोद में भी बागी

जनपद में सपा-रालोद गठबंधन(SP-RLD Alliance) में सभी सातों सीटों पर दोनों दलों के नेता तैयारी कर रहे थे। गठबंधन में रालोद ने बुलंदशहर से हाजी यूनुस, स्याना से पूर्व विधायक दिलनवाज खान और शिकारपुर से पूर्व मंत्री प्रो.किरनपाल सिंह को प्रत्याशी बनाया है। इन सीटों पर अन्य दावेदार मायूस हुए हैं। दावेदारों के बागी होने पर दिक्कत हो सकते हैं। वहीं, सपा को सिकंदराबाद, डिबाई और खुर्जा सीट मिली हैं। जबकि अनूपशहर सीट पर गठबंधन में एनसीपी ने केके शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। अनूपशहर सीट पर रालोद के टिकट पर पूर्व विधायक समेत कई नेता तैयारी कर रहे थे। सपा जिलाध्यक्ष राहुल यादव और रालोद जिलाध्यक्ष अरुण चौधरी का दावा है कि गठबंधन के प्रत्याशियों को सभी मिलकर चुनाव लड़ाएंगे। उधर, बहुजन समाज पार्टी में हालांकि बहुत ज्यादा टिकट को लेकर मारामारी इस बार नहीं रही। शिकारपुर सीट पर बसपा का एक दावेदार टिकट नहीं मिलने से परेशान और आक्रोशित है।

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विधानसभा चुनाव ( Assembly Election 2022 ) के लिए टिकट नहीं मिलने से नाराज ठाकुर सतीश गड़ाना निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ताल ठोकेंगे। भाजपा नेता व किसान मोर्चा के पूर्व क्षेत्रीय मंत्री ठाकुर सतीश गड़ाना ने पार्टी से बगावत कर दी है। सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्र के गांव गड़ाना निवासी ठाकुर सतीश सिंह गड़ाना ने बताया कि वे छात्र जीवन से ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़कर राजनीति में आए।वर्ष 2011 में भाजपा युवा मोर्चा में सदस्य प्रदेश कार्य समिति रहे। वर्ष 2012 में भाजपा किसान मोर्चा में क्षेत्रीय मंत्री रहे। रविवार को क्षेत्र के समाज के लोगों ने गांव में पंचायत की और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उन्हें चुनाव लड़ाने का निर्णय लिया गया।

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