देहरादून। उत्तराखंड को शरणगाह ना समझें, यहां की शांति को भंग करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। ये देवो की भूमि है। कोई शरणस्थली नहीं जो कि यहां पर शरण के लिए चला आएगा। ये बाते प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कही है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देखने में आ रहा है कि बाहरी तत्व यहां पर आकर कई प्रकार की गतिविधियों में लिप्त होकर आपराधिक कार्य कर रहे हैं।
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ऐसे असामाजिक तत्वों का पता लगाने केा ही सत्यापन अभियान चलाया गया है। यह सत्यापन कार्य गत गुरुवार से शुरू हो चुका है। पहले दिन 2732 लोगों ने सत्यापन करवाया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जल्द ही राज्य में सभी नागरिकों के लिए सामान नागरिक संहिता कानून लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि उत्तराखंड देवभूमि है और शांत प्रदेश है। यह प्रदेश धार्मिक,आध्यात्मिक,सामरिक,भौगोलिक के अलावा सांस्कृतिक दृष्टि से काफी विशिष्ठ है। यह विशिष्टता और शांति बनी रही यही भाजपा सरकार का प्रयास है। सीएम धामी ने कहा कि कोई उत्तराखंड को शरणगाह के रूप में न समझे। यह देवभूमि शरणास्थली नहीं है और न अपराधियों के आराम करने की जगह है।

