नई दिल्ली। सपा के दिग्गज नेता आजम खॉ के बेटे अब्दुल्ला आजम की सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका खारिज हो गई है। यानी अब आजम खॉ के बाद बेटे के राजनैतिक करियर पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। आज सुप्रीम कोर्ट जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस बीवी नागरत्न की बेंच में सुनवाई हुई। उन्होंने आज सोमवार को अब्दुल्ला की याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने अब्दुल्ला की तरफ से पेश किए गए जन्म प्रमाण पत्र को फर्जी पाया था। जिसकी वजह से उनका चुनाव रद्द किया था। कोर्ट ने पाया था कि 2017 में चुनाव लड़ने के दौरान सपा नेता के बेटे की उम्र 25 साल के कम थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान अब्दुल्ला ने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र पेश किए थे। जिसके खिलाफ बहुजन समाज पार्टी के नेता नवाब काजम अली खान ने याचिका दायर की थी। इसके बाद नवाब बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। उन्होंने याचिका में आरोप लगाए थे कि शिक्षा से जुड़े प्रमाण पत्रों के मुताबिक अब्दुल्ला का जन्म 1 जनवरी 1993 में हुआ है। जबकि जन्म प्रमाण पत्र के अनुसार वह 30 सितंबर 1990 को पैदा हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि 2017 चुनाव में राजनैतिक मदद पहुंचाने के लिए उन्हें बर्थ सर्टिफिकेट जारी कराया गया था। उन्होंने दावा किया था कि अब्दुल्ला को साल 2015 से पहले आधार कार्ड और पैन कार्ड नहीं मिले थे।
सपा के दिग्गज नेता आजम खान भी दो जन्म प्रमाण पत्रों के चलते मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। आकाश सक्सेना नाम के व्यक्ति ने उत्तर प्रदेश पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि रामपुर नगर पालिका परिषद ने 28 जनवरी 2012 को एक प्रमाणपत्र जारी किया और लखनऊ नगर निगम की तरफ से 21 अप्रैल 2015 एक प्रमाण पत्र जारी किया गया था। जिसमें आजम खॉ की जन्मतिथि अलग—अलग हैं।

