विरासत के सवाल पर Shivpal Yadav ने दिया यह जवाब

पॉलिटिक्सविरासत के सवाल पर Shivpal Yadav ने दिया यह जवाब

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राजनीति भी कितनी बेरहम होती है, चिता की आग भी ठीक से ठंडी नहीं होने देती। चाहते न चाहते हुए भी एक राजनेता उससे किसी भी पल दूर नहीं हो पाता, या ये कहिये कि उसे दूर होने नहीं दिया जाता। ऐसा ही कुछ समाजवादी पार्टी के संस्थापकों में से एक रहे मुलायम सिंह छोटे भ्राता और सपा प्रमुख अखिलेश के चाचा शिवपाल के साथ पिछले दो दिनों से हो रहा है. अपने राम समान भाई की मौत का ठीक से वो गम भी नहीं मना पा रहे है क्योंकि आज का मॉडर्न मीडिया उनसे लगातार सवाल कर रहा कि लोग कह रहे हैं कि मुलायम के बाद शिवपाल यादव को समाजवादी पार्टी का संरक्षक बनाया जाना चाहिए। परेशानी यह है कि एक राजनेता ऐसे सवालों से भाग भी नहीं सकता।

मीडिया के कल से पूछे जा रहे इस सवाल को शिवपाल लगातार टालने की कोशिश करते रहे, कहते रहे कि यह सही समय नहीं है इन सवालों का लेकिन आज शुद्धि संस्कार के बाद सैफई में मीडिया ने उनको फिर घेर लिया, मजबूरन शिवपाल को जवाब देना पड़ा. शिवपाल ने पहले तो यही कहा कि अभी इन सवालों का यह सही समय नहीं है लेकिन बाद में जवाब देते हुए कहा कि उन्हें अब जो ज़िम्मेदारी मिलेगी उसे निभाने की कोशिश करूंगा, इसके साथ ही यह भी कहना नहीं भूले कि अगर उन्हें इस लायक नहीं समझा जाता और उन्हें कोई ज़िम्मेदारी नहीं मिलती तब भी वो उन लोगों को एक करने और उनकी आवाज़ बनने की कोशिश करेंगे जो पार्टी में हाशिये पर भेज दिए गए हैं या पार्टी में जिनकी नहीं सुनी जा रही और वो सब नेता जी के वफादारों में से हैं.

शिवपाल ने एक बात और भी कही जो राजनीतिक रूप से काफी अहम् है, शिवपाल ने कहा कि जब नेता जी थे उनके हर आदेश को सिर माथे लगाया, कभी कोई सवाल नहीं किया लेकिन अब आगे समय बताएगा कि क्या होगा। शिवपाल की इस बात के कई अर्थ निकाले जा रहे हैं, ऐसा लगता है कि सपा में विरासत की जंग अब शुरू होगी। जो अधिकार नेता जी के सम्मान में शिवपाल ने नहीं माँगा शायद नेता जी के बाद अब उस पर बात बढ़ेगी।

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