पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सैन्य गतिरोध चल रहा है इसी बीच, भारतीय एजेंसियां शकचे में एक चीनी हवाई अड्डे के विकास पर बारीकी से नजर बनाई हुई हैं। पूरी तरह से तैयार हो जाने के बाद इस हवाई अड्डे (LAC) पर चीन को काफी मजबूती मिल सकती है।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि शकचे हवाई अड्डे को जल्द से जल्द एक सैन्य हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है जिससे चीन के लड़ाकू अभियानों को मदद मिलेगी।
चीन को इस बात की पूरी समझ है कि भारतीय वायु सेना (IAF) चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (PLAAF) से हर माएने मे बेहतर है। यही वजह है की पीएलए को शकचे में हवाई अड्डा बनाना पड़ रहा है। पीएलए वायु सेना के लड़ाकू अभियानों को ओर शशक्त बनाने के लिए चीन कथित तौर पर काशगर और होगन के बीच एक नया हवाई अड्डा विकसित कर रहे हैं।
सूत्रों ने बताया, भारत पिछले साल May से पीएलए वायु सेना के सात ठिकानों पर नजर बनाए हुए है। चीन ने हाल के वर्षों में इनमें से अपने कई ठिकानों को अपग्रेड किया है, और अतिरिक्त फोर्स की तैनात की है, लेकिन यह बात यहीं तक सीमित नहीं है ये हम सभी जानते है की चीन के मंसूबे क्या हैं |
इसके अलावा भारत पूर्वी लद्दाख के सामने तीन पीएलए वायु सेना के ठिकानों – होतान, काशगर, और नगारी गुंसा पर भी अपनी पैनी नजर बनाए रख रहा है। भारतीय एजेंसियों के रडार पर अन्य चीनी एयरबेस में ल्हासा गोंगकर, शिगात्से, चामडो पंगटा, निंगची शामिल हैं। शीर्ष सूत्रों ने बताया, “शिनजियांग और तिब्बत स्वायत्त सैन्य क्षेत्र में स्थित अन्य चीनी सैन्य ठिकानों पर भी हमारी नजर है जिसके लिए हम निगरानी के अन्य तरीकों का इस्तेमाल कर रहें है।

