नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश भी कोरोना महामारी की चपेट में है. वैसे तो सूबे के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ का दावा है कि राज्य में ना तो ऑक्सीजन की किल्लत है ना दवाइयों की कमी है और ना ही अस्पतालों में बेड की दिक्कत है, लेकिन इन दावों के बावजूद आगरा के पारस अस्पताल में 8 मरीजों की ऑक्सीजन की किल्लत के चलते मौत हो गई.
आगरा के कई निजी अस्पतालों ने अपने दरवाजों पर बेड की अनुपलब्धता के पोस्टर लगा दिए हैं . वहीं कई अस्पतालों ने नोटिस चस्पा करके कह दिया है कि ऑक्सीजन नहीं है , इसलिए अपने मरीजों के लिए ऑक्सीजन का प्रबंध खुद करें.
शहर के प्रभा हॉस्पिटल में भी ऑक्सीजन की किल्लत है और अस्पताल की ओर से मरीज के तीमारदारों को अस्पताल की ओर से खाली सिलेंडर और एक चिट्ठी दी जा रही है. इस चिट्ठी में सिलेंडर में ऑक्सीजन रिफिल करने वालों से गुहार लगाई कि मरीज के परिवार को आक्सीजन देने की कृपा करें.
चैनल आजतक की खबर के अनुसार आगरा के पारस अस्पताल में तो 8 मरीजों की ऑक्सीजन की किल्लत के चलते मौत हो गई. अस्पताल में काम करने वाली एक कर्मचारी का कहना है कि सात से आठ लोगों की मौत ऑक्सीजन की कमी के चलते हुई है और हमने इसकी जानकारी प्रशासन को दे दी थी.
आगरा के जिलाधिकारी भी ऑक्सीजन की किल्लत की की बात मानी थी. जिलाधिकारी के मुताबिक मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है इसलिए ऑक्सीजन की मांग में भी बढ़ोतरी हुई है लेकिन जल्दी ही सप्लाई पहुंच जाएगी.

