वायरस किसी भी राजनीतिक दल को नही पहचानता: सोनिया गांधी

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वायरस किसी भी राजनीतिक दल को नही पहचानता: सोनिया गांधी

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि विपक्ष के तौर पर कांग्रेस पार्टी इस संकट की घड़ी में सरकार के साथ है और उसे हर संभव मदद देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि हमारी भूमिका दोहरी है जिसमें हमें सरकार को उसकी जिम्मेदारी का ऐहसास कराना है और साथ ही लोगों की मदद भी करनी है। उन्होंने कहा, “देश इस समय सबसे भयावह जन स्वास्थ्य संकट से दो-चार है। ऐसे में मैं मानती हूं कि हमारी भूमिका दोहरी है।

सोनिया ने कहा कि ऐसा लगता है कि लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है और शासन तंत्र पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है और अपनी जिम्मेदारी से मुंह चुरा रहा है। ऐसे में विपक्ष द्वारा लोगों की तकलीफें सुनना और उनके गुस्से और निराशा को सरकार के सामने रखना और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

कोरोना संकट से निपटने में केंद्र सरकार के तौर-तरीकों पर सोनिया गांधी ने कहा कि, “कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मोदी सरकार की प्रतिक्रिया बहुत ही घातक और विध्वंसकारी रही है। सरकार ने गंभीरता की अनदेखी की और लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया। सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ विधानसभा चुनावों पर था, जबकि इस वक्त में तो लीडरशिप दिखाते हुए लोगों की मदद के लिए सरकार को खड़ा होना था। हालात बिगड़ने के बावजूद सरकार का रवैया पक्षपातपूर्ण और एकतरफा है। उनके इस दोहरे रवैये को माफ नहीं किया जा सकता।”

उन्होंने कहा कि, “लेकिन यह तस्वीर का सिर्फ एक पहलू है। सरकार ने पूरी तरह निराश किया है। कोई तैयारी या रणनीति है ही नहीं। सरकार के अपने सीरो सर्वे ने चेताया था कि कोरोना की दूसरी लहर आने वाली है। संसदीय समिति ने 120 पन्नों की रिपोर्ट सरकार को सौंप कर संकट से निपटने के उपाय बताए थे। कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष ने सरकार को बार-बार चेताया था, लेकिन सरकार ने इन तीनों को नजरंदाज कर दिया, और उलटा हमें ही लोगों में भय फैलाने के लिए दो। ठहराया जा रहा है।”

सोनिया गांधी ने कहा कि, “सरकार ने इस दौरान कोई नई सुविधा तैयार नहीं की। अस्पतालों में बेड की संख्या नहीं बढ़ाई गई। मेडिकल सेक्टर को आर्थिक तौर पर मदद नहीं दी गई। दवाओं के प्रावधान नहीं किए गए। प्रवासी मजदूरों को आर्थिक मदद नहीं दी गई और इनकम सपोर्ट के तौर पर उन्हें दिए जाने वाले 6000 रुपए का भुगतान नहीं हुआ। आज सरकार ने देश को वैक्सीन और ऑक्सीजन का आयातक देश बनाने की पहल कर दी है जबकि हम जरूरत से ज्यादा ऑक्सीजन और वैक्सीन का उत्पादन करते हैं। उन्होंने बिना भारतीयों की चिंता किए रेमडिसिविर के 11 लाख इंजेक्शन निर्यात कर दिए।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मैं बहुत ज्यादा दुखी हूं। लोगों की जान जा रही है और जो लोग सत्ता में हैं उनकी प्राथमिकताएं कुछ और हैं।” उन्होंने कहा कि, “वायरस किसी भी राजनीतिक दल को नही पहचानता है। पहले दौर में जिन राज्यों में कोरोना का असर सर्वाधिक था वे गेर-बीजेपी शासित राज्य थे, लेकिन अब उत्तर प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी कोरोना के आंकड़े भयावह हो रहे हैं। ऐसे में कोरोना संकट से निपटने के लिए दलगत राजनीति से ऊपर नहीं उठना चाहिए?”

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