- पहले भी 30 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा चुका है
- 14 महीने से मजदूरी का पेमेंट न होने से 13 कांट्रैक्ट कर्मचारी कर चुके सुसाइड
कोरोना वायरस अपनी ऐसी खतरनाक यादें छोड़ रहा है कि दशकों तक इससे ऊबरना मुश्किल हो रहा है. मौजूदा हालातों में दुनियाभर में वित्तीय संकट पैदा हो गया है. कंपनियां एक-एक करके बंद हो रही है या बंदी के कगार पर आ गई है. लोगों की नौकरियां जा रही है. भारत संचार निगम लिमिटेड ( BSNL) की हालत दिनोंदिन खराब हो रही है. अब यहां पर 20 हजार कांट्रैक्ट कर्मचारियों की छंटनी होने वाली है. बता दें कि इससे पहले कंपनी ने 30 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था. यहां तक कि BSNL ने बीते एक साल से कॉट्रैक्ट पर काम करने वाले वर्कर्स को सैलरी भी नहीं दी है.
काम करना मुश्किल हो रहा
बीएसएनएल (BSNL) कर्मचारी संघ ने कंपनी के अध्यक्ष वी के पुरवार को भेजे लेटर में कहा कि कंपनी की वित्तीय हालात बेहद खराब है, इसलिए काम करना मुश्किल हो रहा है. यूनियन ने ये भी बताया कि पिछले 14 महीनों से मजदूरी का पेमेंट नहीं होने की वजह से 13 कॉंट्रैक्ट वकर्स ने खुदकुशी तक कर ली है.BSNL कर्मचारी यूनियन के महासचिव पी अभिमन्यु के मुताबिक इस प्रक्रिया में करीब 30,000 कांटैक्ट पर काम करने वाले मजदूरों को पहले ही घर भेज दिया गया है. अब इस नए आदेश से 20,000 से अधिक कांट्रेक्ट वर्कर नौकरी गंवा देंगे.

