पिछले महीने से भारत में COVID-19 मामले लगातार बढ़ रहे हैं और विशेष रूप से केरल में मामलों की संख्या में वृद्धि सबसे ज़्यादा है। ओमिक्रॉन सब-वेरिएंट JN.1 के उद्भव के साथ केंद और राज्य दोनों सरकारों ने इसके प्रसार को रोकने के लिए उपाय किए हैं। इस स्थिति को देखते हुए, दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने अस्पतालों में रिपोर्ट किए जाने वाले Covid -19 संदिग्ध या पॉज़िटिव मामलों के लिए दिशानिर्देश जारी किए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इस नए स्ट्रेन को वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट (वीओआई) घोषित किया है जो गहन वैज्ञानिक जांच के अधीन है। यह वैरिएंट वृद्ध लोगों और किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए घातक साबित होता है। ओमिक्रॉन सब-वेरिएंट JN.1 की बात करें तो अबतक देश में 197 मामले सामने आये हैं जिनमें सबसे ज़्यादा 83 केस केरल से हैं. दूसरे नंबर गोवा है जहाँ 51 मामले रिपोर्ट किये गए हैं वहीँ गुजरात से 34 मामले दर्ज किये गए हैं. इसके अलावा कर्णाटक से आठ, महारास्त्र से सात , राजस्थान से पांच, तमिलनाडु से चार, तेलंगाना से दो और ओडिशा व दिल्ली से एक एक मामला सामने आया है।
जनवरी 2020 में फैलने के बाद से भारत में कोरोनोवायरस मामलों की कुल संख्या 4,50,12,484 तक पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सीओवीआईडी -19 मामलों के कारण मरने वालों की संख्या 55,33,358 हो गई है। 30 दिसंबर को सात सीओवीआईडी संबंधित मौतों की सूचना मिली थी। भारत ने 30 दिसंबर तक COVID-19 सबवेरिएंट JN.1 के कुल 179 मामले दर्ज किए, वहीँ नवंबर में ये संख्या सर 17 थी।

