मेरठ। Yogi Vs Kejriwal – इस बार विधानसभा चुनाव में राजनैतिक दलों के नेताओं ने सभी मर्यादाये ताक पर रख दी है। इस समय पहले चरण के मतदान में एक दिन शेष बचा है। इस बीच ट्विटर पर जोरदार जंग छिड़ चुकी है। ये लड़ाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच है। दोनों ही मुख्यमंत्री काफी आक्रामक मुद्रा में एक दूसरे को जवाब दे रहे हैं। जिसके चलते मामला तीखी नोकझोंक तक पहुंच चुका है। जिस तरह की भाषा टिवटर पर दोनों मुख्यमंत्री कर रहे हैंं उसने भाषाई मर्यादा को भी ताक पर रख दिया है। जो भी इस दोनों मुख्यमंत्रियों के टिवीट को देख और पढ़ रहा है वो हैरान है। लोगों को ऐसी उम्मीद नहीं थी कि गरिमामय शीर्ष पद का भी ध्यान नहीं रखा जाएगा।
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दिल्ली मुख्यमंत्री केजरीवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर एक बयान दिया था। केंजरीवाल के इस बयान के पलटवार में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक साथ कई टृवीट किए हैं। जिसमें उन्होंने कहा है कि केजरीवाल केा प्रधानमंत्री जी के बारे में जो कहा उसके बारे में पूरे राष्ट्र से मांफी मांगनी चाहिए। इसमें उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास जी एक दोहे का भी वर्णन किया है। वहीं केजरीवाल को लेकर एक और दूसरा ट्वीट किया गया। जिसमें लिखा है कि ‘सुनो केजरीवाल जब पूरी मानवता कोरोना से पीडित थी उस दौरान दिल्ली सरकार ने यूपी की जनता के साथ काफी अमानवीय व्यवहार किया था। जिसके लिए मानवता कभी आपको मांफ नहीं करेगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के टिवीट का जवाब देते हुए केजरीवाल ने कहा ‘सुनो योगी आप तो रहने ही दो। इसके अलावा प्रदेश में कोरोना संक्रमण के दौरान नदी में लाशें बहाए जाने और टाइम्स मैगजीन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर विज्ञापन छपवाने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं अरविंद केजरीवाल ने सीएम योगी को एक क्रूर शासक की संज्ञा दे डाली है। इसके बाद संजय सिंह भी इसमें कूद गए हैं। जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भाषा को चौराहे छाप नेता वाली बता डाला। मुख्यमंत्रियों के बीच शुरू हुए इस ट्वीट युद्ध पर आम लोग हैरान है। खासकर दोनों की भाषाशैली को लेकर।

