लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दूसरे कार्यकाल में अभी से ही पूरे पांच साल का एजेंडा तैयार कर लिया है। इसके साथ ही अपने मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों को टास्क भी दिया है। खासकर विभागीय लक्ष्यों की पूर्ति और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मंत्रियों के पेंच भी कस दिए है।
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जिसके अनुसार अब सरकार के सभी मंत्री सप्ताह में दो दिन अपने—अपने क्षेत्र में रहेंगे। क्षेत्र में रहकर मंत्री विकास योजनाओं की हकीकत जानने का काम करेंगे। प्रदेश सरकार के मंत्री अब हर शनिवार, रविवार को क्षेत्र या फिर प्रदेश के जिस जिले के प्रभारी मंत्री होंगे वहां पर जाकर विकास कार्य की प्रगति चेक करेंगे। इसी के साथ ही वे क्षेत्र में जनता की समस्याओं को धरातल स्तर पर सुनकर उनका मौके पर निवारण भी करेंगे।
आज मुख्यमंत्री योगी ने ने अपने मंत्रियों से कहा कि उनको अपने-अपने विभागों के लक्ष्य प्राप्त करने के लिए टीम भावना से आगे बढऩा है। सीएम योगी ने मंत्रियों से कहा कि वे शनिवार,रविवार को क्षेत्र में रहें और लोगों की समस्याओं को जानकार उनके निदान के उपाय करें। इसके बाद मंत्रियों के फीड बैक पर ही दूसरे सप्ताह में सोमवार,मंगलवार को आगे की कार्य योजना बनाई जाएगी।
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दस सेक्टरों में बांटे गए सभी विभाग :
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार बनने के बाद सभी मंत्रियों और विभागों के प्रमुख अधिकारियों के साथ प्रदेश के पांच साल का रोड मैप तैयार किया है। विभागों को दस सेक्टरों में बांटकर अलग-अलग सेक्टरों का प्रजेंटेशन देखा जा रहा है। जिससे कि आगे काम करने में पूरी मदद मिल सके।

