देश में इन दिनों धर्म स्थलों को लेकर सांप्रदायिक उन्मांद फैला हुआ है और इस उन्माद को फ़ैलाने के लिए पूर्व में विवादित रहे गाज़ियाबाद के डासना देवी मंदिर के पुजारी यति नरसिंहानंद कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं. एक तरफ आरएसएस प्रमुख कह रहे हैं कि हर मस्जिद में शिवलिंग की तलाश क्यों? वहीँ यति नरसिंहानंद जो हेट स्पीच के आरोपी हैं और उनपर केस भी दर्ज है, उन्होंने गाज़ियाबाद की जामामस्जिद के मौलाना को शास्त्रार्थ का चैलेन्ज दिया है.
यति नरसिंहानंद ने बाक़ायदा एक वीडियो जारी कर कहा है कि 17 जून को कुरआन और दूसरी इस्लामिक किताबों के साथ जामा मस्जिद जाकर शास्त्रार्थ करेंगे। अब उनकी इस कॉल पर पुलिस प्रशासन ने उन्हें नोटिस भेजकर उन्हें अपना जामा मस्जिद का दौरा रद्द करने को कहा है. अधिकारियों के अनुसार यति नरसिंहानंद के इस कार्य से सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ने का अंदेशा है, इसीलिए उन्हें नोटिस जारी की गयी है. यति नरसिंहानंद को प्रशासन की यह नोटिस 7 जून को दी गयी थी जिसका अभी तक उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है.
पुलिस की नोटिस के अनुसार उनके बयानों से अगर साम्प्र्दायिक सद्भाव बिगड़ता है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि विगत वर्ष दिसंबर में हरिद्वार में आयोजित ‘‘धर्म संसद’’ में यति नरसिंहानंद ने मुसलमानों के खिलाफ अत्यधिक भड़काऊ भाषण दिए थे जिसके बाद उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। वहीं जंतर-मंतर पर आयोजित एक कार्यक्रम में अभद्र भाषा बोलने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।

