राम नवमी पर 10 अप्रैल को रवि पुष्य नक्षत्र के सर्वार्थ सिद्धि योग में मध्या-काल में आ रही है। इस दिन दोपहर 12 बजे श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। पुष्य नक्षत्र के साक्षी में नए कार्य की शुरुआत तथा हर प्रकार की खरीदी शुभ समृद्धि देने वाली मानी गई है।
ज्योतिषाचार्य अनिल शास्त्री के अनुसार विशिष्ट योग और नक्षत्र में शास्त्रोक्त पाठ द्वारा राम की पूजा करने से मनोवांछित फल प्राप्त होता है।
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हिदू चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष नवमी तिथि रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र, सुकर्मा योग,बालव करण तथा कर्क राशि के चंद्रमा साक्षी में लग रही है। रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र होने से सर्वार्थसिद्धि योग बन रहा है। इस दिन श्रीराम के जन्म के समय शुभ नक्षत्र और सर्वार्थसिद्धि योग की साक्षी भक्तों को विशेषफल वाली मानी गई है।

