गाजियाबाद। महिला के साथ पांच लोगों के द्वारा सामूहिक दुष्कर्म और गुप्तांग में रॉड डाले जाने का मामला पूरी तरह से फर्जी निकला है। खुद महिला ने अपने मित्र और उसके अन्य साथियों के साथ मिलकर संपत्ति हड़पने के लिए कहानी रची थी। मेरठ आईजी प्रवीण कुमार ने मामले का खुलासा किया है। गाजियाबाद थाना नंदग्राम क्षेत्र अंतर्गत एक महिला के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई थी। जिसे पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। इस पूरे मामले में जो खुलासा हुआ वह चौंकाने वाला निकला। यह पूरा मामला फर्जी निकला। गैंगरेप की घटना महज 56 लाख का मकान हड़पने के लिए पीड़ित महिला व उसके अन्य तीन साथियों के द्वारा रची गई साजिश थी। फिलहाल पुलिस ने इस पूरे मामले में महिला के मित्र और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।
थाना नंदग्राम क्षेत्र अंतर्गत दिल्ली की रहने वाली एक महिला को अगवा कर उसके साथ पांच लोगों के द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने और गुप्तांग में रॉड डालने का मामला सामने आया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से कथित पीड़ित महिला को जिला एमएमजी अस्पताल भेजा था। लेकिन महिला ने वहां पर उपचार कराने और मेडिकल परीक्षण से इंकार कर दिया। उसके बाद उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया।लेकिन महिला ने उपचार दिल्ली स्थित ज़ीटीबी अस्पताल में कराने की बात कही। महिला को जीटीबी अस्पताल में भर्ती किया गया। आईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि पूरे मामले में कथित पीड़ित महिला के भाई की तरफ से थाना नंदग्राम में पांच लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई। जिसके बाद चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जिसमें कई तथ्य सामने आए। जिसमें पुलिस को घटना पर ही शक होने लगा। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद पुलिस अधीक्षक अपराध डॉ0 दीक्षा शर्मा खुद एमबीबीएस की पढ़ाई कर चुकी हैं। उन्होंने और सीओ आलोक दुबे ने जीटीबी अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय टीम से पूरी जानकारी की। उधर पुलिस ने भी हर एंगल पर जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने गहनता से जांच की तो पता चला कि कथित पीड़िता का मित्र आजाद अपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है। उसी ने महिला के मोबाइल का स्विच ऑफ किया था। जहां पीड़िता मिली। उसी रास्ते पर मिलने के समय से वह वहां घूमता रहा। पुलिस ने आजाद के मोबाइल की सीडीआर को चेक किया तो पता चला उसके फोन से जो साक्ष्य प्राप्त हुए उसमें बलात्कार को बढ़ा चढ़ाकर प्रसारित कराया गया है। एक व्यक्ति विशेष को पेटीएम से इसके प्रचार-प्रसार के लिए भुगतान के साक्ष्य पुलिस को मिले। आजाद ने अपने मित्र गौरव और अफजाल के साथ मिलकर पूरी घटना को अंजाम दिया। पीड़िता के माध्यम से पूरा मामला मकान विवाद का सामने आया। जिसमें बलात्कार का मकान पर कब्जा करने के लिए किया गया था। आईजी प्रवीण कुमार का कहना है। कि इस मामले में इन तीनों अभियुक्तों के खिलाफ तमाम सबूत मिल चुके हैं। फिलहाल तीनों को गिरफ्तार किया है और महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

