शीर्ष अदालत में आज बिलकिस बानो केस में गुजरात सरकार के दाखिल किये हलफनामे पर असंतोष जताते हुए दो जजों की बेंच हलफनामे पर सवाल उठाये हैं. इस हलफनामे में गुजरात सरकार ने बिलकिस बानो केस में सज़ायाफ्ता दोषियों की 14 साल बाद रिहाई का बचाव किया है, इस रिहाई को केंद्र की मोदी सरकार ने मंज़ूरी दी थी. इस फैसले पर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है, आज कांग्रेस नेता राहुल गाँधी सुप्रीम कोर्ट की हलफनामे पर फटकार के बाद प्रधानमंत्री मोदी पर बड़ा हमला बोला है. राहुल ने कहा कि लाल किले पर जो लोग महिला सम्मान की बातें करते हैं दरअसल वो बलात्कारियों के साथ हैं.
प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए उन्हेओन अपने ट्वीट में आगे कहा कि प्रधानमंत्री के वादे और इरादे में अंतर साफ है, प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के साथ अबतक सिर्फ छल ही किया है। बता दें कि बिलकिस के इन दोषियों की रिहाई तब हुई थी जब 15 घंटे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से महिला सम्मान की बात की थी. इन रेपिस्टों की स्वतंत्रता दिवस पर रिहाई से पूरे देश में सियासी बवाल मच गया था. विपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी की कथनी और करनी में अंतर का मुद्दा उछाला था.
बता दें कि गुजरात में गोधरा कांड के बाद 2020 के दंगों में बिलकिस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार किया था, जिस समय यह वीभत्स घटना हुई थी बिलकीस बानो गर्भवती थी, इसके अलावा उनके सामने ही परिवार के कई सदस्यों की हत्या की गयी थी. इस मामले में 2008 में सभी 11 दोषियों को उम्र क़ैद की सजा सुनाई गई थी। लेकिन 15 अगस्त 2022 को गुजरात सरकार ने अपनी छूट नीति का सहारा लेते हुए उन्हें रिहा कर दिया। उससे पहले गुजरात सरकार ने केंद्र की मोदी सरकार से इस रिहाई के लिए अनुमति मांगी थी. इस मांग पर सीबीआई ने विरोध भी जताया था लेकिन मोदी सरकार ने गुजरात सरकार के अनुरोध को स्वीकार कर लिया था.

