क्या अब रेप के आरोपियों की जमानत बनेगा पीटर पैन सिंड्रोम

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क्या अब रेप के आरोपियों की जमानत बनेगा पीटर पैन सिंड्रोम

अमित बिश्नोई

  • मुंबई में हुई सुनवाई के दौरान इस बीमारी को बनाया गया आधार
  • आरोपी को मिली जमानत, 14 वर्षीय किशोरी से जुड़ा था मामला

पीटर पैन सिंड्रोम का नाम आजकल चर्चा में आ गया है. दरअसल, मुंबई में हो रही एक सुनवाई में रेप के आरोपी को इसकी वजह से जमानत मिल गई है. बीते सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट सुनवाई कर रही थी. मामला 14 वर्षीय किशोरी के उत्पीड़न से जुड़ा हुआ था. मनोवैज्ञानिक स्थिति का आरोपी का लाभ मिला. पीटर पैन सिंड्रोम का हवाला देते हुए आरोपी के वकील ने कोर्ट से जमानत देने की गुहार लगाई थी.

पीटर पैन आया कहां से
हमने जब इसकी पड़ताल की तो पता चला कि पीटर पैन सिंड्रोम का बेस साहित्य में मिलता है. एक स्टॉटिश उपन्यासकार थे जेएम बैरी. उनके नाटक में इस किरदार ने जन्म लिया था. पीटर पैन एक शरारती लड़का था जो उड़ सकता था. लेकिन वो अपनी जिम्मेदारी से भागता था. उसे लगता था कि यह मैं कर ही नहीं पाउंगा.

पीटर पैन से सिंड्रोम कैसे जुड़ा
सबसे पहले जानते हैं कि पीटर पैन सिंड्रोम है क्या. यह एक व्यक्ति की मनोवैज्ञानिक स्थिति से जुड़ी होती है. एक व्यक्ति के बारे में बताने के लिए इसका यूज किया जाता है. इसमें व्यक्ति को कोई भी काम जो उसे पूरा करना है चुनौतीपूर्ण लगता है. व्यक्तिगत और पेशेवाराना जिम्मेदारी दोनों इसमें समाहित होती है. इस बीमारी से ग्रसित लोग अपरिपक्व होते हैं. आपको बता दें कि यह सिंड्रोम महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में ज्यादा पाया जाता है.

इस केस में क्या हुआ?
सोमवार को जब सुनवाई हो रही थी तो वकील ने कोर्ट को बताया कि पीडि़त परिवार दोनों के संबंधों को जानता था. लेकिन लड़के की आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से उन्होंने समर्थन नहीं किया. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लड़की स्वैच्छा से उनके मुवक्विल के साथ संबंध बनाएं. आपको बता दें कि इस पूरे मामले में गौर करने वाली बात यह है कि इस बीमारी को अभी तक विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मान्यता नहीं दी है.

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