गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों को ऐसा ही ‘प्रसाद’ देंगे…

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गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों को ऐसा ही ‘प्रसाद’ देंगे…

  • निहंग नेता ज्ञानी शमशेर सिंह ने कहा, गुनाह के बराबर की सजा दी

नई दिल्ली। किसानों के बड़े आंदोलनस्थलों में से एक सिंघु बाॅर्डर पर किसानों के मंच के पास शुक्रवार को एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या किये जाने के मामले में निहंग नेता ज्ञानी शमशेर सिंह ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वाले को सबके देने के लिये उसके गुनाह के बराबर सजा दी गयी है। यदि ऐसा फिर किसी और ने किया तो हम फिर ऐसा ही ‘प्रसाद’ देंगे।

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आज सिंघु बाॅर्डर पर किसानों के मंच के बैरिकेड पर एक पंजाब के तरनतारन जिले के चीमा खुर्द गांव निवासी लखबीर सिंह की लाश लटकी मिली। मृतक का बायां हाथ काटा हुआ था। जांच में सामने आया है कि गुरु ग्रंथ साहिब से छेड़छाड़ के आरोप पर निहंगों ने अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले 35 वर्षीय लखबीर सिंह की हत्या की गयी है।

हत्या के संबंध मे राष्ट्रीय अकाली निहंग सिंह खालसा बुद्धा दल में गुरु ग्रंथ साहिब की देखरेख और पूजा-पाठ का जिम्मा लेने वाली टीम के मुखिया ज्ञानी शमशेर सिंह ने कहा है कि धर्म की रक्षा ताकत के बिना नहीं हो सकती। गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों को सख्त संदेश नहीं दिया जाता तो सभी अपनी मनमर्जी करेंगे। जो हुआ वह करना जरूरी था। अब कोई भी दोबारा ऐसी हिम्मत नहीं करेगा। खुद को महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में स्थित हजूर साहिब गुरुद्वारे में मौजूद बताने वाले ज्ञानी शमशेर सिंह का कहना है कि पहले ऐसे मामलों में आरोपी पुलिस को सौंपे गये मगर वह कुछ ही दिनों में छूट गये। ऐसे लोगों को सबक देने के लिये गुनाह की सजा दी गयी है। अगर किसी ने गुरु ग्रंथ साहिब की तरफ आंख उठाकर भी देखा, तो हम उसको भी ऐसा ही ‘प्रसाद’ देंगे।

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26 जनवरी 2020 में दिल्ली के लाल किले तक हुए प्रदर्शन दल में शामिल होने की बात स्वीकारते हुए ज्ञानी शमशेर सिंह ने कहा कि हम अपनी मर्जी से अपने अस्त्र शस्त्र और घोड़ों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि निहंग भी किसान होते हैं इसलिये वह किसान आंदोलन मे शामिल हैं। किसान आंदोलन को कोई नुकसान न पहुंचा सके इसलिये हमने सिंधु बार्डर पर डेरा जमा लिया। हम वहां रक्षक की भूमिका निभा रहे हैं।

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