सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच श्रीलंका की सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे, उनके राजनेता बेटे नमल और 15 सहयोगियों को द्वीप छोड़ने से रोक दिया है। कोलंबो में मजिस्ट्रेट ने गुरुवार को पुलिस को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर सोमवार के भीड़ के हमलों की जांच करने का आदेश दिया, जिसके कारण जवाबी कार्रवाई हुई। हिंसा में नौ लोगों की मौत हो गई और शहर में व्यापक तबाही हुई।
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बता दें कि राजपक्षे और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार करने के लिए अदालत में याचिका दायर की गयी है लेकिन कोर्ट ने कहा है कि इसकी ज़रुरत नहीं है क्योंकि पहले ही किसी भी संदिग्ध की फौरी गिरफ़्तारी का अधिकार सेना और पुलिस को दे दिया गया है. बताया जा रहा है कि महिंदा राजपक्षे के तीन हज़ार समर्थकों ने सोमवार को शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ हिंसा की जिससे स्थिति बेकाबू हो गयी।
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वहीँ खबर मिली है कि यूनाइटेड नेशनल पार्टी के नेता रानिल विक्रमसिंघे प्रधानमंत्री बनने को तैयार हो गए हैं और आज शाम उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। विक्रमसिंघे इससे पूर्व चार बार श्रीलंका के प्रधानमंत्री रह चुके हैं. बता दें कि विक्रमसिंघे के नेतृत्व वाली यूनाइटेड नेशनल पार्टी देश की सबसे पुराणी पार्टी है लेकिन पिछले संसदीय चुनाव में उसे मात्र एक सीट ही मिल पाई थी. अभी देखना है कि विक्रमसिंघे के आने से श्रीलंका की स्थिति में कोई सुधर हो पायेगा या नहीं।

