बिटकॉइन के प्रचार के लिए दिग्गज हस्तियों के अकाउंट हैकर्स क्यों कर रहे हैं हैक,जाने सबकुछ

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बिटकॉइन के प्रचार के लिए दिग्गज हस्तियों के अकाउंट हैकर्स क्यों कर रहे हैं हैक,जाने सबकुछ

  • पीएम मोदी, बराक ओबामा, एलन मस्क जैसी शख्सियतों के अकाउंट्स को हैक करके बिटकॉइन का प्रचार किया गया था
  • देश में बैन नहीं है यह डिजिटल करेंसी, एक बिटकॉइन की कीमत मौजूदा समय 7 लाख 50 हजार रुपए से ज्यादा है.

अमित बिश्‍नोई

आपको पता होगा कि पीएम मोदी के एक टिवट्रर एकाउंट को हैकर ने हैक कर लिया था. इससे एक के बाद एक कई ट्वीट हैकर ने किए थे. हालांकि कुछ ही पलों बाद इस अकाउंट को दोबारा से सुरक्षित कर लिया गया था. लेकिन इस दौरान एक बड़ी बात सामने आई कि हैकर क्रिप्टोकरेंसी (बिटकॉइन) मांगने लगे थे. दुनियाभर में बहुत सारी क्रिप्टो-करेंसी प्रचलित हैं, जिनमें बिटकॉइन सबसे मशहूर है.कोरोना महामारी के चलते दूसरे परंपरागत निवेश विकल्पों में आई कमजोरी को देखते हुए पिछले कुछ महीनों के दौरान क्रिप्टो ट्रेडिंग का कारोबार जोरदार तरीके से बढ़ा है.आपकों याद होगा कि जुलाई में ट्विटर को एक बड़े क्रिप्टो हैक का सामना करना पड़ा था, जिसमें हाई-प्रोफाइल हस्तियों, राजनेताओं जैसे बराक ओबामा, एलन मस्क जैसी शख्सियतों के अकाउंट्स को हैक करके बिटकॉइन का प्रचार किया गया था. ऐसे में आपके मन में कई सवाल होंगे- ये बिटकॉइन, इथेरियम जैसी चीजें हैं क्या? हैकर्स की पसंद क्यों बन गए हैं? इनका रेगुलेशन कैसे होता है. आज आपको बिजनेस बाइट्स बता रहा है कि आखिर क्यों हैकर्स बिटकॉइन के प्रचार को लेकर क्योंं-क्यों बार हैकर्स इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. पहले जानते है कि हैकर्स ने पीएम मोदी के अकाउंट से बिटकॉइन संबंधी क्या ट्वीट किए.

-मैं आप सभी से कोविड -19 के लिए पीएम नेशनल रिलीफ फंड में उदारतापूर्वक दान देने की अपील करता हूं, अब भारत क्रिप्टो करेंसी के साथ शुरुआत करेगा, कृपया दान करें.ईटीएच (इथेरियम).

बिटकॉइन के बाद इथेरियम मार्केट कैपिटल का दूसरा सबसे बड़ा क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म है.

क्या होती है वर्चुअल या क्रिप्टो करेंसी?
इसे आप ऐसे समझे कि यह एक तरह की डिजिटल करेंसी होती है, जो इनक्रिप्शन टेक्‍नोलॉजी की मदद से जेनरेट और रेगुलेट होती है. इन करेंसी के क्रिएशन, इनवेस्टमेंट, लेन-देन या फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया में भारतीय रिजर्व बैंक या किसी भी दूसरे देश के बैंकिंग रेगुलेटर की प्रभावी भूमिका नहीं होती है. इन करेंसी पर न तो किसी देश की मुहर होती है और न ही इनके भुगतान के लिए किसी तरह की सॉवरेन यानी सरकारी गारंटी होती है.

हैकर्स की पसंद क्यों?
2009 में लॉन्च हुए बिटकॉइन हैकर्स या साइबर अपराधियों को दो फायदे देते हैं. पहला कि ये एक डिसेंट्रलाइज्ड करेंसी की तरह काम करता है और इसमें बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी जैसा कोई बिचौलिया नहीं होता और इस वजह से इस्तेमाल करने वाला गुमनाम रहता है. दूसरा बिटकॉइन को वर्चुअल वॉलेट्स में रख सकते हैं, जिनकी पहचान सिर्फ एक नंबर से होती है.

समझे इसका पूरा गणित
गोल्ड एक धातु यानी मेटल है जिसकी अपनी वैल्यू होती है. डॉलर कितना महंगा या सस्ता होगा यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था की हालत पर निर्भर होता है.रुपए की वैल्यू हमारी अर्थव्यवस्था से जुड़ी है. पाउंड की सेहत यूके की अर्थव्यवस्था पर निर्भर जबकि येन का जापान की अर्थव्यवस्था पर. इसके अलग बिटकॉइन की कोई अपनी वैल्यू नहीं होती है. इसका इस्तेमाल सट्टेबाजी के लिए होता है, इसी आधार पर ही इसके दाम बढ़ते-घटते रहते हैं. ज्यादा सट्टेबाजी पर ज्यादा उतार-चढ़ाव.

बैन फिर कैसे बढ़ रही बिटकॉइन की हैसियत?
बिटकॉइन के चार्ट पर नजर डालें तो अब बिटकॉइन में रिकवरी देखने को मिल रही है. 2019 की शुरुआत में अपना लो बनाने के बाद बिटकॉइन में निचले स्तरों पर अच्छी रिकवरी देखने को मिली है. मार्च में चौतरफा बिकवाली के बीच बिटकॉइन में भी बिकवाली देखने को मिली थे लेकिन जिस तरह शेयर बाजार में खासी रिकवरी देखने को मिली. वैसी ही रिकवरी बिटकॉइन में देखने को मिली है. मार्च में बिटकॉइन 4500 डॉलर के स्तरों से अब 12000 डॉलर के स्तरों पर पहुंच गया है. जुलाई और अगस्त के महीने में बिटकॉइन में गजब की तेजी देखने को मिली है.

देश में इसकी कानूनी ‘हैसियत’ क्या है?
देश में क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार पर किसी भी तरह का बैन नहीं है. हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा बैंकिंग प्रतिबंध लगाया गया है. राज्यसभा में इस संबंध में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए वित्त और कॉरपोरेट कार्य राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा था कि “वर्तमान में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े मसलों से निपटने के लिए अलग से कोई कानून नहीं है. इस प्रकार आरबीआई, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर प्राधिकरण जैसे सभी संबद्ध विभाग और काननू का अनुपालन करवाने वाली एजेंसियां मौजूदा कानून के अनुसार कार्रवाई करती हैं.”

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