जिलाधिकारी ने बनायी कमेटी, जांच के दिये आदेश
मेरठ- इसे लापरवाही की इंतहा ही कहेंगे, मेरठ के मेडिकल काॅलेज में भर्ती मरीज की मौत होने पर मेडिकल काॅलेज स्टाॅफ ने किसी और का शव परिजनों को दे दिया गया। अंतिम संस्कार करते समय परिजनों को इस बात का पता चला तो हंगामा खड़ा हो गया। मेरठ के डीएम ने इस मामले में कमेटी बनाकर जांच शुरू करा दी है।
गौरतलब है कि मेरठ का मेडिकल काॅलेज कोरोना मरीजों के उपचार में लापरवाही बरतने के कई मामले सामने आने के बाद से चर्चाओं में रहा है।
मामला यह है कि मेरठ के मोदीनगर निवासी गुरुवचन लाल को पैरालाइसिस का अटैक पड़ने पर मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल काॅलेज में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान गुरुवचन लाल की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पाॅजिटिव आई थी।
कल गुरुवचन लाल की मृत्यु हो जाने के बाद मेडिकल काॅलेज स्टाफ में उनका शव परिजनों को सौंप दिया। दुखी मन से परिजन गुरुवचन लाल का अंतिम संस्कार करने लगे। इसी दौरान उन्हें पता चला कि जिस शव का अंतिम संस्कार वह कर रहे हैं वह शव गुरुवचन लाल का नहीं है।
पहले से ही अपने के जाने का गम सहन कर रहे परिजनों पर यह आघात सहन नहीं हुआ। इस गंभीर प्रकरण को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। परिजनों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से करते हुए गुरुवचन लाल का शव दिलाए जाने तथा दिए गए शव को उसके वास्तविक परिजनों तक पहुंचाने की मांग की। परिजनों का कहना है कि उक्त मामले में अधिकारियों को दोषी मेडिकल स्टाॅफ पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिये ताकि ऐसा किसी और के साथ न हो।
शव बदले जाने का मामला संज्ञान में आते ही मेरठ के जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अपर जिलाधिकारी नगर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी की कमेटी बनाते हुए उन्हें मेडिकल काॅलेज पहुंच मामले की जांच करने का आदेश दिया। जिलाधिकारी ने कहा की उक्त प्रकरण की जांच कराई जा रही है। इस गंभीर मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

