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कौन है ये तीस्ता सीतलवाड़ जिसने मोदी को खूब रुलाया

गुजरात दंगे:  गुजरात दंगे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट मिली है और कोर्ट ने कहा है उनपर लगे सभी आरोप आधारहीन है उनका गुजरात दंगे से कोई सम्पर्क नहीं था। कोर्ट के फैसले के बाद तीस्ता सीतलवाड़ का नाम सुर्खियों में आ गया हर ओर उनकी चर्चा होने लगी और कोर्ट की टिप्पणी के बाद एटीएस की टीम ने तीस्ता सीतलवाड़ को 25 जून को हिरासत में ले लिया। 

अमित शाह ने मोदी पर लगे आरोपों के सन्दर्भ में कहा कि दंगे को लेकर मोदी पर जो आरोप नरेंद्र मोदी पर लगे उसके बाद उन्होंने बीस साल तक विष पिया लेकिन वह मौन रहे। आज सत्य सबके सामने है। वही तीस्ता को लेकर गृह मंत्री बोले उन्होंने पुलिस को जो जानकारी दी वह आधारहीन थी जिसका खुलासा हो गया है। वही कोर्ट के फैसले के बाद से नरेंद मोदी को क्लीन चिट मिली है और गुजरात मे पुनः गुजरात दंगे के दबे कूचे मुद्दे उखाड़े जा रहे हैं। जो की कही न कही गुजरात की राजनीति से सम्बद्ध है। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि आखिर ये तीस्ता सीतलवाड़ है कौन और इनपर ऐसा क्या आरोप लगाया गया है कि इन्हें एटीएस की टीम ने कल हिरासत में ले लिया। 

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जाने कौन है तीस्ता सीतलवाड़ 

तीस्ता सीतलवाड़ एक सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार हैं। इसके अलावा वह CJP की सचिव भी रह चुकी है। CJP वह संस्था है जो की 2002 में गुजरात दंगे में पीड़ित लोगों की सहायता के उद्देश्य से बनाई गई थी। CJP का उद्देश्य गुजरात दंगे में छुपाए जा रहे तथ्यों को उजागर कर इस मामले में दोषी पाए गए लोगो को सजा दिलवाना था। CJP वही संस्था है जिसने गुजरात राज्य के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी और 62 अन्य सरकारी अधिकारियों के खिलाफ 2002 के गुजरात दंगों में उनकी सहभागिता के लिए आपराधिक मुकदमे की मांग की थी। 

लेकिन CJP को लेकर बीजेपी का कहना है कि इस संगठन का निर्माण तीस्ता ने कांग्रेस के समर्थन से किया था। इसका उद्देश्य न्याय के लिए आवाज उठाना नहीं बल्कि गुजरात मे नरेंद्र मोदी की छवि को खराब करना था। यह संगठन पूर्ण रूप से कांग्रेस समर्थक था और तीस्ता सीतलवाड़ कांग्रेस की ओर से मोदी के खिलाफ साइलेंट राजनीति कर रही थी। 

जाने क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने 

सुप्रीम कोर्ट ने 24 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुजरात दंगे के मामले में क्लीन चिट दे दी और कहा की तीस्ता सीतलवाड़ ने याचिकाकर्ता जकिया जाफरी की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है और उनकी भावनाओं का शोषण करते हुए उसका गलत उद्देश्य से उपयोग किया है। वही तीस्ता दम्पती ने सामाजिक हित के लिए मिली डोनेशन का गलत उपयोग किया है। जिसके बाद एटीएस की टीम ने उन्हें 25 जून को हिरासत में लिया।

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जाने क्या लगा तीस्ता पर आरोप 

तीस्ता सीतलवाड़ पर धोखाधड़ी का आरोप लगा है और इसी संदर्भ में उनपर मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि तीस्ता और उनके पति जावेद आनंद ने 2007 से 2014 तक बड़े पैमाने पर धन संग्रह अभियान (Fund Collection Campaign) शुरू करके दंगा पीड़ितों के नाम पर 6 से 7 करोड़ रुपये तक की धनराशि एकत्र कर एक बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। उन्होंने डोनेशन के लिए विज्ञापन दिया और बड़े बड़े सेलीब्रिटी से लोगो का हित करने हेतु पैसा लिया। उनपर आरोप लगा है कि उन्होंने विदेशी मुद्रा कानूनों का उल्लंघन किया और 2009 में यूएस-आधारित फोर्ड फाउंडेशन द्वारा अपने एनजीओ को दान किए गए धन का दुरुपयोग किया।

वही तीस्ता सीतलवाड़ का कहना है कि उनपर लगे आरोप गलत है लोग अपने व्यक्तिगत स्वार्थ हेतु ऐसा कर रहे हैं और उन्हें फसा रहे हैं। तीस्ता ने यह भी स्पष्ट किया है कि भाजपा 2022 में होने वाले चुनाव के परिपेक्ष्य से इस मुद्दे को हवा दे रही है और गुजरात की जनता को भ्रमित करने का षड्यंत्र रच रही है। वही इस मामले पर भाजपा का कहना है कि तीस्ता के खिलाफ कानून कार्यवाही कर रहा है मामले में जो सत्य है जल्द सामने होगा।

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