उत्तर प्रदेश की हाई-प्रोफाइल अयोध्या विधानसभा सीट के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पूर्व विधायक पवन पांडे को अयोध्या से पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया है। यह घोषणा लखनऊ में आयोजित पार्टी के ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान की गई।
कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने भरोसा जताया कि पवन पांडे एक बार फिर अयोध्या सीट से जीत हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि पवन पांडे पहले भी यहां से चुनाव जीत चुके हैं और इस बार भी पार्टी को उनसे जीत की उम्मीद है।
पवन पांडे का पूरा नाम तेज नारायण पांडे है। वह करीब 30 साल से समाजवादी राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1998 में छात्र राजनीति से की थी और बाद में समाजवादी आंदोलन से जुड़ गए। साल 1999 से वे अखिलेश यादव के साथ काम कर रहे हैं और पार्टी में कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
साल 2004 में वे लखनऊ विश्वविद्यालय छात्र संघ के उपाध्यक्ष चुने गए थे। छात्र राजनीति के दौरान उन्होंने कई आंदोलनों का नेतृत्व किया। 2007 में छात्रों के मुद्दों पर प्रदर्शन के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा, जिसके बाद उनकी पहचान एक संघर्षशील नेता के रूप में बनी।
पवन पांडे पहली बार 2012 के विधानसभा चुनाव में चर्चा में आए, जब उन्होंने अयोध्या सीट से बीजेपी के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन मंत्री लल्लू सिंह को हराया। इस जीत को उस चुनाव के बड़े उलटफेरों में गिना गया था।
2012 से 2017 तक विधायक रहने के दौरान उन्होंने विधानसभा में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और शहरी विकास जैसे मुद्दे उठाए। वह सपा सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।
अयोध्या सीट उत्तर प्रदेश की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में से एक मानी जाती है। इसी जिले में भगवान राम का भव्य मंदिर स्थित है। अयोध्या जिले में अयोध्या के अलावा रुदौली, मिल्कीपुर, बीकापुर और दरियाबाद विधानसभा सीटें भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी लगातार ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित कर रही है। जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित इसी सम्मेलन में पवन पांडे को उम्मीदवार घोषित कर पार्टी ने बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।
