नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ (WHO) ने दावा किया है कि विश्व में 99 प्रतिशत लोग प्रदूषित हवा में जी रहे हैं। यानी इस प्रदूषित हवा में सांस ले रहे हैं। खराब वायु गुणवत्ता की वजह से प्रतिवर्ष लाखों लोग अकारण मर रहे हैं। इस वायु प्रदूषण से दुनिया के हर कोने के लोग सामना कर रहे हैं। गरीब देशों में स्थिति अधिक खराब है। यह विश्व के लिए गंभीर समस्या है।
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डब्ल्यूएचओ (WHO) ने पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य पर एक रिपोर्ट जारी की है। जिसमें कहा गया है कि विश्च की पूरी आबादी प्रदूषित हवा में सांस ले रही है। यह हवा स्वास्थ्य मानकों की तुलना में बेहद खराब है। चार साल पहले जारी हुई रिपोर्ट में पाया गया था उस दौरान वायु प्रदूषण से 90 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या इससे प्रभावित थी। रिपोर्ट में कहा है कि वायु प्रदूषण से नुकसान के लिए आधार तेजी से बढ़ा है। यह कई वायु प्रदूषकों के निम्न स्तर के कारण है। जिससे ये गंभीर नुकसान की तरफ इशारा कर रहे हैं।
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इस रिपोर्ट में सैटेलाइट डेटा और गणितीय मॉल पर निकाला गया निष्कर्ष कहता है कि इससे हालात और खराब स्तर की ओर बढ़ रहे हैं। डब्ल्यूएचओ ने यह अध्ययन दुनिया के छह हजार से अधिक नगरों और 117 देशों में स्थित केंद्रों के वायु गुणवत्ता जानकारी के आधार पर किया है। डब्ल्यूएचओ के दायरे में दुनिया का 80 प्रतिशत शहरी इलाका है।

